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एक्सप्रेस-वे : प्लांट सहित 13 स्थानो पर मिट्टी लेवलिंग शुरू
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मेरठ। केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पटरी पर आ रहा है। सोमवार को अमर उजाला टीम ने भूड़बराल स्थित एक्सप्रेसवे के कास्टिंग यार्ड और मिक्सिंग प्लांट का दौरा किया तो सुरक्षा मानकों के साथ काम में तेजी नजर आई। यार्ड में आने-जाने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी। इसके अलावा 13 स्थानों पर मिट्टी की लेवलिंग का काम भी चालू मिला।
एक्सप्रेस-वे के इस कास्टिंग यार्ड से मेरठ से गाजियाबाद तक की साइट पर निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही है। वहीं भोजपुर, नाहल आदि स्थानों पर मिट्टी लेवलिंग के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के इंजीनियर का कहना है कि बारिश से पहले मिट्टी लेवलिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसमे बाद तेजी से ढांचा निर्माण किया जाएगा।
डासना और परतापुर में इंटरकनेक्टर अधूरा
सबसे अधिक जहां निर्माण कार्य की जरूरत है, वह स्थान परतापुर और डासना है। डासना से परतापुर तक 31 किमी के इस चौथे चरण में दो स्थानों पर इंटरकनेक्टर का काम होना है। हालांकि, जिला प्रशासन ने परतापुर में काम करने की अनुमति नही दी है। यहां तीन अंडरपास पर काम होना है। इसमें से दो तैयार हैं। वहीं, डासना में भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के ऊपर से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे गुजरेगा। यहां भी कार्य की रफ्तार तेज करनी होगी।
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मजदूरों की कमी आ रही
भले ही एक्सप्रेसवे के काम तेजी से करने का दंभ भरा जा रहा हो, लेकिन अभी मजदूरों की कमी आड़े आ रही है। आसपास के मजदूर होली पर अपने घर गए थे, जो लॉकडाउन के कारण लौट नही सके हैं। अभी सिर्फ बिहार, बंगाल के लोग ही निर्माण में सहायक बने हैं।
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एक्सप्रेस-वे के इस कास्टिंग यार्ड से मेरठ से गाजियाबाद तक की साइट पर निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही है। वहीं भोजपुर, नाहल आदि स्थानों पर मिट्टी लेवलिंग के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के इंजीनियर का कहना है कि बारिश से पहले मिट्टी लेवलिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसमे बाद तेजी से ढांचा निर्माण किया जाएगा।
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डासना और परतापुर में इंटरकनेक्टर अधूरा
सबसे अधिक जहां निर्माण कार्य की जरूरत है, वह स्थान परतापुर और डासना है। डासना से परतापुर तक 31 किमी के इस चौथे चरण में दो स्थानों पर इंटरकनेक्टर का काम होना है। हालांकि, जिला प्रशासन ने परतापुर में काम करने की अनुमति नही दी है। यहां तीन अंडरपास पर काम होना है। इसमें से दो तैयार हैं। वहीं, डासना में भी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के ऊपर से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे गुजरेगा। यहां भी कार्य की रफ्तार तेज करनी होगी।
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मजदूरों की कमी आ रही
भले ही एक्सप्रेसवे के काम तेजी से करने का दंभ भरा जा रहा हो, लेकिन अभी मजदूरों की कमी आड़े आ रही है। आसपास के मजदूर होली पर अपने घर गए थे, जो लॉकडाउन के कारण लौट नही सके हैं। अभी सिर्फ बिहार, बंगाल के लोग ही निर्माण में सहायक बने हैं।