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Meerut News: इंजीनियर बनने का था सपना, परिजनों का रोकर बुरा हाल
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एक्सप्रेसवे हादसा : पिता की तरह इंजीनियर बनना चाहता था अर्जुन
कंकरखेड़ा (मेरठ)। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में बाइक सवार छात्र अर्जुन यादव की मौत के बाद परिवार में मां और छोटी बहन बार-बार बिलखती रहीं। परिजनों ने बताया कि अर्जुन अपने पिता संजय यादव की तरह इंजीनियर बनना चाहता था। संजय एक आईटी कंपनी में इंजीनियर हैं।
उसका यह सपना पूरा नहीं हो पाया और परिवार को भी इस हाल पर छोड़ गया। अर्जुन अक्सर बस से ही मोदीनगर स्थित एसआरएम कॉलेज जाता था, लेकिन बृहस्पतिवार को बस न आने पर दोस्त हरीश के साथ बाइक से चला गया था।
रोहटा रोड स्थित गोल्ड कोस्ट निवासी संजय यादव का बेटा अर्जुन अक्सर कॉलेज की बस से आता-जाता था। बृहस्पतिवार को किसी कारण से बस नहीं आई थी। कुछ दोस्तों का कहना है कि अर्जुन सरल स्वभाव का था। वह इंजीनियर बनने के लिए काफी मेहनत कर रहा था। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने किसी तरह मां और छोटी बहन को संभाला। उनकी हालत देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
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कंकरखेड़ा (मेरठ)। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में बाइक सवार छात्र अर्जुन यादव की मौत के बाद परिवार में मां और छोटी बहन बार-बार बिलखती रहीं। परिजनों ने बताया कि अर्जुन अपने पिता संजय यादव की तरह इंजीनियर बनना चाहता था। संजय एक आईटी कंपनी में इंजीनियर हैं।
उसका यह सपना पूरा नहीं हो पाया और परिवार को भी इस हाल पर छोड़ गया। अर्जुन अक्सर बस से ही मोदीनगर स्थित एसआरएम कॉलेज जाता था, लेकिन बृहस्पतिवार को बस न आने पर दोस्त हरीश के साथ बाइक से चला गया था।
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रोहटा रोड स्थित गोल्ड कोस्ट निवासी संजय यादव का बेटा अर्जुन अक्सर कॉलेज की बस से आता-जाता था। बृहस्पतिवार को किसी कारण से बस नहीं आई थी। कुछ दोस्तों का कहना है कि अर्जुन सरल स्वभाव का था। वह इंजीनियर बनने के लिए काफी मेहनत कर रहा था। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने किसी तरह मां और छोटी बहन को संभाला। उनकी हालत देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
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