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Meerut News: नई शिक्षा नीति के सिद्धांतों के बारे में बताया
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मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पाठ्यचर्या रूपरेखा के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्यशाला हुई। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के सिद्धांतों और प्रावधानों से परिचित कराना रहा।
मुख्य वक्ता प्रभात कुमार गुप्ता ने ज्ञान, कौशल, संस्कार और रचनात्मकता के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कक्षाओं को आनंदमय वातावरण में बदलने की जरूरत बताई गई। सतत एवं समग्र मूल्यांकन पर जोर दिया गया। उन्होंने कक्षा छह से ही कौशल आधारित व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। बागवानी, काष्ठ कला, कूटलेखन और अंकीय अभिकल्पना जैसे कौशलों को पाठ्यक्रम से जोड़ने को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यशाला में नवाचार, रचनात्मकता और संप्रेषण कौशल के विकास पर विस्तार से बताया गया। शिक्षकों ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े प्रश्न पूछे। इनका मुख्य वक्ता ने समाधान किया। समापन पर सभी शिक्षकों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
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मुख्य वक्ता प्रभात कुमार गुप्ता ने ज्ञान, कौशल, संस्कार और रचनात्मकता के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कक्षाओं को आनंदमय वातावरण में बदलने की जरूरत बताई गई। सतत एवं समग्र मूल्यांकन पर जोर दिया गया। उन्होंने कक्षा छह से ही कौशल आधारित व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। बागवानी, काष्ठ कला, कूटलेखन और अंकीय अभिकल्पना जैसे कौशलों को पाठ्यक्रम से जोड़ने को महत्वपूर्ण बताया गया।
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कार्यशाला में नवाचार, रचनात्मकता और संप्रेषण कौशल के विकास पर विस्तार से बताया गया। शिक्षकों ने नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े प्रश्न पूछे। इनका मुख्य वक्ता ने समाधान किया। समापन पर सभी शिक्षकों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
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