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Exclusive: आपूर्ति विभाग में बड़े फर्जीवाड़े की बू, लापता 5 लाख उपभोक्ता डकार रहे 25 हजार क्विंटल राशन

Tue, 06 May 2025 02:32 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Tue, 06 May 2025 02:32 PM IST
सार

मेरठ जिले के पांच लाख राशन उपभोक्ता लापता हैं, लेकिन ये हर माह नियमित रूप से 25 हजार क्विंटल सरकारी राशन डकार रहे हैं। 

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Exclusive: Smell of big fraud in the supply department, 5 lakh missing consumers are consuming 25 thousand
आपूर्ति विभाग- राशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ जिले के पांच लाख राशन उपभोक्ता लापता हैं, लेकिन ये हर माह नियमित रूप से 25 हजार क्विंटल सरकारी राशन डकार रहे हैं। एक साल से आपूर्ति विभाग ई-केवाईसी कराकर इन उपभोक्ताओं को तलाश रहा है लेकिन ये ई-केवाईसी कराने नहीं पहुंचे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई के दावे करने के बावजूद विभाग ने इनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। 

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इससे एक बार फिर गरीबों के राशन में बड़े फर्जीवाड़े की बू आ रही है। आशंका है कि फर्जी नामों से गरीबों का राशन डकारकर कालाबाजारी की जा रही है। जिले में 9229 अंत्योदय राशनकार्ड और पात्र गृहस्थी राशनकार्ड 5,38,288 हैं।
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इन सभी राशन कार्डों में 24,37,406 उपभोक्ता जुड़े हैं। पूर्व में बड़ी संख्या में राशन कार्डों में राशन डीलरों व आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दूसरे प्रदेश और अन्य जातियों के लोगों के नाम राशन कार्डों में जोड़कर सरकारी राशन हड़पने का खुलासा हो चुका है।

इस पर लगाम लगानेे के लिए बायोमेट्रिक तरीके से राशन वितरण की शुरुआत की गई थी, लेकिन अब बायोमेट्रिक राशन वितरण प्रणाली में धांधली का तरीका ढूंढने की आशंका होने लगी है। 

इस तरह की शिकायतों के बाद सरकार ने सभी राशन कार्डों के सदस्यों की ई-केवाईसी कराने का निर्णय लिया। वर्ष 2024 मेें ई-केवाईसी शुरू की गई। विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक अभी तक 24,37,406 उपभोक्ताओं में से केवल 19,25,503 ने ही ई-केवाईसी कराकर अपने आपको सही साबित किया है। बाकी 5,11,903 उपभोक्ता लापता हैं। काफी प्रचार-प्रसार के बाद भी इन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराई है। इन सभी के नाम पर अभी भी सरकारी राशन निकाला जा रहा है।

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सत्यापन के लिए करानी होगी ई-केवाईसी
राशन कार्ड में जितने भी सदस्य हैं, उन सभी की ई-केवाईसी करानी होगी। इसके लिए प्रत्येक सदस्य को अपना राशन कार्ड लेकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर पहुंचना होगा। राशन डीलर पॉश मशीन से सदस्य के हाथ का अंगूठा लेकर ई-केवाईसी करेगा।

मोबाइल पर मेसेज भी आएगा। ई-केवाईसी कराने के बाद ही इसकी पुष्टि होगी कि जिस उपभोक्ता का नाम कार्ड में है, वही राशन प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा कुछ उपभोक्ताओं के अंगूठों के निशान सत्यापित नहीं हो पा रहे हैं। 

बंद किया जाएगा राशन
सभी राशन कार्ड सदस्यों को ई-केवाईसी कराने के लिए लगातार प्रचार किया जा रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों की ई-केवाईसी नहीं कराई है। अंतिम मौका भी दिया जा चुका है। कुछ ऐसे भी सदस्य हैं जिनके अंगूठे के निशान नहीं सही न होने के कारण ईकेवाईसी नहीं हो पा रही है। जिनकी ई-केवाईसी नहीं होगी उनका राशन बंद कर दिया जाएगा।  - विनय कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी।

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