Exclusive: रामराज में 10 रुपये के स्टांप पर हो रही जमीन की खरीद-फरोख्त, सीएम योगी ने की थी नगर पंचायत बनाने की घोषणा
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दो जिलों की सीमाओं पर बसे 30 हजार की आबादी वाले रामराज का नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं है। बावजूद इसके कई वर्षों से रामराज हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त 10 रुपये के स्टांप पेपर पर हो जाती है। सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। करोड़ों रुपये टैक्स के रूप में इस ग्राम पंचायत से सरकार के खाते में जाते हैं।
रामराज की स्थापना रामराज हाउसिंग सोसाइटी से हुई थी। 1949 में गठित सोसाइटी को जनपद मुजफ्फरनगर में रजिस्टर्ड किया गया था। सोसाइटी के नाम पर मवाना तहसील के अभिलेखों में खसरा संख्या 511, 521, 513 से 536 तक 650 बीघा भूमि दर्ज है। खसरा संख्या 36 से 39 व 417 भी दर्ज हैं।
सभी भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा सैफपुर फिरोजपुर के नाम है। रामराज कहीं भी नहीं है। यहां के अधिकांश लोगों का मुख्य व्यवसाय गेहूं तथा धान की खरीद-फरोख्त है।
रामराजवासियों ने बताया कि सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष सोहनलाल सागर के निधन के बाद जानसठ के उपजिलाधिकारी इसके प्रशासक हैं। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि खाली भूमि में दर्ज है। दूसरी ओर वास्तव में इस भूमि पर हजारों मकान बन चुके हैं।
मवाना और जानसठ के एसडीएम ने कहा-जांच कर कार्रवाई करेंगे
मवाना तहसील के अभिलेखों में सैफपुर फिरोजपुर ग्राम पंचायत के खाता संख्या 396 के रकबा का क्षेत्रफल 42.861 हेक्टेयर दर्ज है। वहीं जानसठ तहसील के अभिलेखों में समाना ग्राम पंचायत खाता संख्या 391 का क्षेत्रफल 6.192 हेक्टेयर है।
इस संबंध में जानसठ तहसील की उप जिला अधिकारी अमरजीत कौर ने कहा कि 10 के स्टांप पर रामराज हाउसिंग सोसायटी के नाम से खरीद-फरोख्त के मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। खेत की जमीन पर बने मकान भी आबादी में दर्ज कराए जाएंगे। मवाना के उप जिलाधिकारी मवाना कमलेश गोयल का कहना है की अवैध ढंग से की जा रही खरीद-फरोख्त की जांच कर कार्रवाई के अलावा रजिस्ट्रार को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
दूसरी ओर रामराज के हल्का लेखपाल अहसान मोहम्मद का कहना है कि हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर दर्ज भूमि पर एक भी भवन दर्ज नहीं है। उन्होंने सोसाइटी के नाम पर दर्ज भूमि को ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है।
मुख्यमंत्री ने की थी नगर पंचायत बनाने की घोषणा
रामराज के मॉडल इंटर कॉलेज इसी साल 27 फरवरी को नमामि गंगे यात्रा के दौरान हुई सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामराज को 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद हर्रा, खिवाई और शाहजहांपुर नगर पंचायतें बन चुकी हैं लेकिन रामराज के लोग अभी भी इंतजार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत नगर पंचायत के दर्जे की मांग के लिए कई बार उप जिलाधिकारी को प्रस्ताव पारित कर भेज चुकी है।
सड़क, बिजली और पानी की सुविधाओं का टोटा
ग्राम पंचायत होने के बावजूद रामराज में आधा दर्जन बैंक, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 132 केवीए के बडे़ बिजलीघर सहित दो बिजलीघर, दर्जर्नों स्कूल-कॉलेज, डाकघर, सहकारी गन्ना समिति आदि की सुविधाएं हैं। वहीं सड़क, पेयजल और सफाई आदि के लिए फंड न मिलने के कारण लोग इन सुविधाओं से वंचित हैं। सैफपुर फिरोजपुर की ग्राम प्रधान संगीता रानी का कहना है कि ग्राम पंचायत के निधि विकास के लिए 32 से 35 लाख रुपये ही मिलते हैं।