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Exclusive: आलू की नई प्रजाति किसानों को करेगी मालामाल, सीपीआरआई के वैज्ञानिकों को 12 साल के शोध के बाद मिली सफलता
Tue, 02 Mar 2021 11:48 AM IST
Dimple Sirohi
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 02 Mar 2021 11:48 AM IST
सार
- आलू की नई प्रजाति कुफरी संगम किसानों को करेगी मालामाल
- 12 साल तक चला शोध, 14 केंद्रों पर हुआ परीक्षण
- 8 राज्यों के लिए रहेगी विशेष उपयोगिता
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आलू की नई प्रजाति कुफरी संगम व इनसेट में डॉ. मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक, सीपीआरआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ के मोदीपुरम में करीब 12 साल के शोध के बाद केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के वैज्ञानिकों ने आलू की नई कुफरी संगम प्रजाति तैयार की है। नई प्रजाति खाने में स्वादिष्ट होगी तो उत्पादन भी अच्छा होगा।
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इस प्रजाति में रोग प्रतिरोधी क्षमता भी अधिक है। यह प्रजाति उत्तर प्रदेश समेत देश के आठ राज्यों के लिए खास उपयोगी होगी। इनमें कुफरी चिप्सोना, कुफरी बहार, फ्राइसोना से अधिक उत्पादन होगा।
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अखिल भारतीय स्तर पर इस प्रजाति का परीक्षण 14 केंद्रों पर मानकों पर खरा उतरने के बाद इसे किसानों के लिए तैयार किया गया है। संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीके गुप्ता ने बताया कि 100 दिनों में तैयार होने वाली यह प्रजाति खाने के साथ साथ उत्पादन के लिए भी अच्छी होगी। इसमें पछेता झुलसा बीमारी को सहन करने की क्षमता अधिक है। किसानों को परीक्षण से उत्पादित बीज दिया जा रहा है।
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डॉ. गुप्ता के मुताबिक उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ हरियाणा, पंजाब के लिए यह प्रजाति उपयोगी है। उत्तरी मैदान में इसकी बुवाई अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े व केंद्रीय मैदान में अक्तूबर से नवंबर के पहले पखवाड़े तक कर सकते हैं।
बेहतर होगी यह प्रजाति
वैज्ञानिकों ने शोध के माध्यम से इस प्रजाति को तैयार किया है। उत्पादन और स्वाद के साथ ही यह किसानों के लिए बेहतर साबित होगी। -डॉ. मनोज कुमार, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान
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