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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Exclusive interview: Ajit Singh says I have come to answer those who does hate politics

अजित सिंह की अमर उजाला से खास बातचीत, लोकसभा चुनाव से पहले खोले कई बड़े राज

Mon, 18 Mar 2019 04:54 PM IST
Dimple Sirohi राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 18 Mar 2019 04:54 PM IST
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Exclusive interview: Ajit Singh says I have come to answer those who does hate politics
अजीत सिंह - फोटो : PTI
लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज चुका है। दावेदारों ने चुनावी समर में ताल ठोक दी है। कैराना उपचुनाव जीतने के बाद उत्साह से लबरेज पश्चिमी यूपी की प्रभावशाली पार्टी रालोद इस बार सपा-बसपा गठबंधन में साझा है। अमर उजाला ने रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह से चुनाव में बन रहे समीकरणों और उनके  परंपरागत सीट बागपत की बजाय मुजफ्फरनगर सीट से चुनाव लड़ने समेत तमाम सवालों के बारे में पूछा। पेश हैं उनसे बातचीत के अंश-
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प्रश्न: आप राजनीति में लंबे समय से हैं। इस बार के चुनावों को आप किस तरह से देख रहे हैं?
उत्तर: 
ये चुनाव 2014 के लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग है। उस समय देश में मोदी लहर थी, जो इन चुनावों में कहीं नहीं है। पीएम मोदी अब प्रश्न पूछने की नहीं बल्कि जवाब देने की भूमिका में हैं। मुकाबला आमने-सामने का है। भाजपा लोगों के सवालों से भाग रही है।
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प्रश्न: आप हमेशा अपने पिता की छोड़ी विरासत बागपत सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं। लेकिन इस बार मुजफ्फरनगर ही क्यों चुना?
उत्तर: भाजपा ने राजनीति स्वार्थ के चलते मुजफ्फरनगर का आपसी भाईचारा और सद्भावना को खत्म करने का काम किया है। मैं पिछले डेढ़ साल से इस क्षेत्र के हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को कायम करने में जुटा हूं। लोगों की मांग थी कि मैं यहीं से लड़ूं। बागपत के लोगों ने मुझे बेहद प्यार और सम्मान दिया है। नफरत की राजनीति करने वालों को मुजफ्फरनगर से ही जवाब देने आया हूं। 

प्रश्न: गठबंधन का सीधा मुकाबला भाजपा से होने जा रहा है। इससे पार पाने के लिए आप क्या करेंगे?
उत्तर: इन चुनावों में मोदी लहर की बजाय हर तरफ मोदी विरोध है। किसान गन्ने का भुगतान मांग रहे हैं। युवा रोजगार मांग रहे हैं। लोग 15-15 लाख रुपये के बारे में पूछ रहे हैं। सरकार से हर कोई परेशान हैं। लोगों ने भाजपा को उखाड़कर गठबंधन को जिताने का मन बना लिया है।

प्रश्न: पश्चिमी यूपी जाटों का गढ़ माना जाता है। जाट वोटरों को भाजपा अपने पाले में बता रही है। आपका बेस वोट भी यही है। ये वोट किसके साथ जाएगा?
उत्तर: जाट वोट बेहद जागरूक वोट है। ये अच्छा बुरा सब जानता है। भाजपा जातिवाद की राजनीति करके आगे बढ़ती है। हम किसानों, मजदूरों और वंचितों की लड़ाई लड़ते हैं। इन तीनों वर्गों ने भाजपा को सबक सिखाने की ठान ली है। 

प्रश्न: आप अपनी जीत के क्या समीकरण मानते हैं? 
उत्तर: गठबंधन को अपनी वोटों के अलावा भाजपा विरोधी वोट थोक में मिल रही है। पांच साल में भाजपा ने संकल्प पत्र का एक भी वादा पूरा नहीं किया है। लोग सबक सिखाने के लिए मतदान का इंतजार कर रहे हैं। यहां नफरत की हार होगी और सांप्रदायिक सद्भावना व आपसी भाईचारे की जीत होगी। 

प्रश्न: लंबे समय से ये बात उठती रही है कि राजनीति में जाटों का नेता कौन है, आप किसे मानते हैं?
उत्तर: मैंने कभी जातिवाद की राजनीति नहीं की है। कुछ लोग होंगे जो जाति के लंबरदार बनना चाहते हों। मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसानों, पिछड़ों और वंचितों की लड़ाई लड़ी है। मुझे हर बिरादरी और समाज का प्यार और सम्मान मिला है, इसके लिए मैं आभारी हूं।

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