Exclusive: लखनऊ में मंथन, बागपत में वसूली जारी, ट्रांसफार्मर के नाम पर उपभोक्ताओं से ठगी
बागपत में विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर बिल्कुल मुफ्त दिया जा रहा है लेकिन हैरानी है कि पश्चिमांचल के इकलौते जनपद बागपत में इस आदेश को दरकिनार कर उपभोक्ताओं से जमकर धनराशि वसूली की जा रही है।
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50 किलोवॉट भार से कम औद्योगिक कनेक्शन लेने में ट्रांसफार्मर की धनराशि वसूली पर जहां लखनऊ में निजाम मंथन में जुटा है। वहीं, पश्चिमांचल के 14 जनपदों में से मात्र अकेले बागपत जनपद में अफसरशाही ने सैकड़ों उपभोक्ताओं से धनराशि वसूलकर लाखों का झटका दे दिया है। हैरानी की बात यह है कि जनपद के तीन डिवीजन में जहां ट्रांसफार्मर की धनराशि वसूली जा रही है। वहीं एक डिवीजन में ट्रांसफार्मर को विभाग की ओर से बिल्कुल मुफ्त दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
50 किलोवॉट भार से कम औद्योगिक कनेक्शन लेने पर वर्ष 2004 में उपभोक्ताओं से ट्रांसफार्मर की धनराशि न वसूलने पर निदेशक वाणिज्य एसपी गोविल ने शासनादेश जारी किया था। जिसके अनुपालन में पश्चिमांचल के 14 जनपदों से 13 जनपदों कार्य कर रहे हैं।
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ऐसे उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेने पर मुफ्त में ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा रहे हैं। हैरानी है कि पश्चिमांचल के इकलौते जनपद बागपत में इस आदेश को दरकिनार कर उपभोक्ताओं से जमकर धनराशि वसूली की जा रही है। पिछले तीन सालों में लगभग 110 उपभोक्ताओं से लगभग 70 लाख रुपये से अधिक की धनराशि वसूली गई है।
बागपत के प्रथम व द्वितीय डिवीजन के अतिरिक्त बड़ौत के विद्युत वितरण खंड प्रथम में औद्योगिक कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से 25 केवीए के विद्युत ट्रांसफार्मर के नाम पर 62 हजार व 63केवीए ट्रांसफार्मर के नाम पर 1 लाख 12 हजार की धनराशि वसूली जा रही है। वहीं, बड़ौत के डिवीजन द्वितीय में ऐसे उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
ये बोले अधिकारी
इस संबंध मेें एक्सईएन द्वितीय राजेश कुमार का कहना है कि शासनादेश के अनुसार 50 किलोवॉट भार से कम औद्योगिक कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर मुफ्त उपलब्ध कराना है। स्टीमेट में ट्रांसफार्मर की कीमत नहीं जुडे़गी। शासनादेश का डिवीजन मेें पूरा पालन किया जा रहा है। मेरे पास शासनादेश है।
ये बोले एसई
एसई रणविजय सिंह का कहना है कि इस आदेश को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अभी लखनऊ में मंथन चल रहा है। खुद प्रबंध निदेशक मेरठ ने इस आदेश को लेकर लखनऊ शक्ति भवन में मार्गदर्शन मांगा है। चार्ज किए जाने का आदेश उनके पास है। डिवीजन द्वितीय के अधिशासी अभियंता के पास कोई तर्क होगा।