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Meerut News: पढ़े लिखे परिवार भी बच्चों को नहीं करा रहे नियमित टीकाकरण
Sat, 08 Feb 2025 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 08 Feb 2025 12:15 AM IST
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शामली। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए किए जाने वाले निशुल्क नियमित टीकाकरण का जिले में करीब 1200 परिवार विरोध कर रहे हैं। इनमें विशेष बात ये है कि कई परिवार ऐसे है कि शिक्षित होने के बाद भी अपने बच्चों को टीके नहीं लगवा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को निशुल्क नियमित टीकाकरण किया जाता है। पिछले महीने सभी बच्चों को टीकाकरण के लिए अभियान चलाया गया। अभियान के बाद भी जिले के सभी पांच ब्लाॅक में करीब 1200 से ज्यादा परिवारों ने अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं कराया। इनमें कुछ ऐसे हैं जिन्होंने बच्चों को एक भी टीका नहीं लगवाया, जबकि कुछ बच्चों ने बीच में ही टीकाकरण रोक दिया।
अकेले थानाभवन ब्लाॅक में करीब 394 परिवारों ने अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं कराया है। ज्यादातर परिवार बच्चों की बीमारी का बहाना बनाकर टीका नहीं लगवाते तो कुछ बाद में टीका लगवाने की बात कहकर टाल रहे हैं।
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टीकाकरण से इन 12 जानलेवा बीमारियों से होता है बचाव
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करन चौधरी ने बताया कि बच्चों को टीकाकरण कराने से 12 जानलेवा बीमारी पोलियो, हेपेटाइटिस बी, खसरा, रूबेला, रोटा वायरस से होने वाला डायरिया, दिमागी बुखार, क्षय रोग, गलघोंटू, काली खांसी, टेटनस, निमोनिया और हीमोफिललिया इन्फ्लूएंजा बी संबंधित बीमारियों से बचाव होता है। उन्होंने बताया गर्भवती महिलाओं को टीडी के दो टीके लगते हैं, जिनमें एक शुरूआत में और दूसरा उस टीके के एक महीने बाद लगता है। शून्य से पांच साल तक के बच्चों को कई टीके लगते हैं। इसके बाद एक टीका 10 वें साल पर और एक टीका 16 वें साल पर लगता है। उनका कहना है कि टीकाकरण का विरोध करने वाले परिवारों से संपर्क कर सभी बच्चों को टीकाकरण की कोशिश की जाती है। थानाभवन ब्लाॅक के नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सभी बच्चों को टीके लगाने का पूरा प्रयास कर रहा है, लेकिन अन्य विभागों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता।
इस तरह से आ रहे केस
केस एक
भैंसानी इस्लामपुर निवासी बैंक कर्मचारी के सात बच्चे हैं। स्वास्थ्य रिकार्ड के मुताबिक किसी भी बच्चे को टीकाकरण नहीं कराया गया है। यहां परिवार के लोगों ने स्वास्थ्य टीम को यह कहकर टाल दिया कि वह बाद में लगवा लेंगे।
केस दो
गांव बंतीखेड़ा मेें करीब एक वर्ष के बच्चे को कोई टीका अभी तक नहीं लगा है। स्वास्थ्य टीम जब उनके घर पहुंची और समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने टीका लगवाने से मना कर दिया।
केस तीन
थानाभवन कस्बे में एक परिवार के बच्चे को कोई टीका नहीं लगा है। स्वास्थ्य टीम ने जब परिवार से संपर्क किया तो बच्चे को बुखार आने का बहाना बना दिया।
उलमा कर रहे टीकाकरण की अपील
शामली के मौलाना नजाकत, मौलाना इरशाद का कहना है कि टीकाकरण से बच्चों का विभिन्न बीमारियों से बचाव होता है। सभी लोगों से अपील है कि समय पर टीकाकरण करवाकर बच्चों को स्वस्थ रखें।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को निशुल्क नियमित टीकाकरण किया जाता है। पिछले महीने सभी बच्चों को टीकाकरण के लिए अभियान चलाया गया। अभियान के बाद भी जिले के सभी पांच ब्लाॅक में करीब 1200 से ज्यादा परिवारों ने अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं कराया। इनमें कुछ ऐसे हैं जिन्होंने बच्चों को एक भी टीका नहीं लगवाया, जबकि कुछ बच्चों ने बीच में ही टीकाकरण रोक दिया।
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अकेले थानाभवन ब्लाॅक में करीब 394 परिवारों ने अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं कराया है। ज्यादातर परिवार बच्चों की बीमारी का बहाना बनाकर टीका नहीं लगवाते तो कुछ बाद में टीका लगवाने की बात कहकर टाल रहे हैं।
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टीकाकरण से इन 12 जानलेवा बीमारियों से होता है बचाव
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करन चौधरी ने बताया कि बच्चों को टीकाकरण कराने से 12 जानलेवा बीमारी पोलियो, हेपेटाइटिस बी, खसरा, रूबेला, रोटा वायरस से होने वाला डायरिया, दिमागी बुखार, क्षय रोग, गलघोंटू, काली खांसी, टेटनस, निमोनिया और हीमोफिललिया इन्फ्लूएंजा बी संबंधित बीमारियों से बचाव होता है। उन्होंने बताया गर्भवती महिलाओं को टीडी के दो टीके लगते हैं, जिनमें एक शुरूआत में और दूसरा उस टीके के एक महीने बाद लगता है। शून्य से पांच साल तक के बच्चों को कई टीके लगते हैं। इसके बाद एक टीका 10 वें साल पर और एक टीका 16 वें साल पर लगता है। उनका कहना है कि टीकाकरण का विरोध करने वाले परिवारों से संपर्क कर सभी बच्चों को टीकाकरण की कोशिश की जाती है। थानाभवन ब्लाॅक के नोडल अधिकारी डॉ. अथर जमील का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सभी बच्चों को टीके लगाने का पूरा प्रयास कर रहा है, लेकिन अन्य विभागों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता।
इस तरह से आ रहे केस
केस एक
भैंसानी इस्लामपुर निवासी बैंक कर्मचारी के सात बच्चे हैं। स्वास्थ्य रिकार्ड के मुताबिक किसी भी बच्चे को टीकाकरण नहीं कराया गया है। यहां परिवार के लोगों ने स्वास्थ्य टीम को यह कहकर टाल दिया कि वह बाद में लगवा लेंगे।
केस दो
गांव बंतीखेड़ा मेें करीब एक वर्ष के बच्चे को कोई टीका अभी तक नहीं लगा है। स्वास्थ्य टीम जब उनके घर पहुंची और समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने टीका लगवाने से मना कर दिया।
केस तीन
थानाभवन कस्बे में एक परिवार के बच्चे को कोई टीका नहीं लगा है। स्वास्थ्य टीम ने जब परिवार से संपर्क किया तो बच्चे को बुखार आने का बहाना बना दिया।
उलमा कर रहे टीकाकरण की अपील
शामली के मौलाना नजाकत, मौलाना इरशाद का कहना है कि टीकाकरण से बच्चों का विभिन्न बीमारियों से बचाव होता है। सभी लोगों से अपील है कि समय पर टीकाकरण करवाकर बच्चों को स्वस्थ रखें।