कवायद : मेरठ के चारों कोनों पर बनेंगे प्रवेश द्वार, एमडीए ने आर्किटेक्ट को भेजा प्रतिमा का डिजाइन
हाल ही में प्रदेश सरकार भी सभी शहरों में प्रवेश द्वारा बनाने के लिए निर्देश दे चुकी है। चारों कोनों पर खेल व क्रांति से संबंधित प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। एमडीए इसकी तैयारी कर रहा है। प्रवेश द्वार के लिए प्रतिमा का डिजाइन तैयार कराया जा रहा है। बाहर से आने वाले लोग शहर में प्रवेश करते ही मेरठ के बारे में जान सकें।
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मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने शहर के चारों कोनों पर प्रवेश द्वार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। प्रवेश द्वार के लिए प्रतिमा का डिजाइन तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए चार दिन पहले एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी के नेतृत्व में नगर नियोजक, मुख्य अभियंता ने दिल्ली रोड स्थित एक्सप्रेसवे के पास जमीन का निरीक्षण किया था। इसी स्थान से प्रवेश द्वार लगाने की शुरुआत की जाएगी। प्रवेश द्वार पर मेरठ में आपका स्वागत है, ये खेल और क्रांति का शहर है आदि स्लोगन लिखे होंगे।
मेरठ में चारों तरफ एक्सप्रेसवे और हाईवे का जाल बिछता जा रहा है। 1857 की क्रांति के साथ यह शहर खेल के सामान के लिए भी जाना जाता है। इसी को देखते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिससे बाहर से आने वाले लोग शहर में प्रवेश करते ही मेरठ के बारे में जान सकें।
हाल ही में प्रदेश सरकार भी सभी शहरों में प्रवेश द्वारा बनाने के लिए निर्देश दे चुकी है। इसी तर्ज पर एमडीए तैयारी कर रहा है। हालांकि, परतापुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से पहले एमडीए की तरफ से भूड़बराल के पास स्वागत का बोर्ड लगाया गया था, लेकिन दिल्ली रोड पर निर्माण के चलते अब सब कुछ बदल गया है।
यहां बनाए जाने हैं प्रवेश द्वार
दिल्ली रोड : दिल्ली से चलकर मेरठ आने पर भूड़बराल के पास बाईं तरफ जमीन खाली पड़ी है। इसी जमीन को देखने के लिए एमडीए उपाध्यक्ष ने निरीक्षण किया था। इसी स्थान पर स्टेच्यू का निर्माण किया जाना है। सबसे पहले दिल्ली रोड पर ही प्रवेश द्वारा बनाया जाना है।
हापुड़ रोड : लोहियानगर मंडी से आगे नगर निगम ने एमडीए की जमीन पर कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। इससे सटकर ही एनएच-235 यानि मेरठ-बुलंदशहर हाईवे शुरू होता है। इसी स्थान पर प्रवेश द्वार बनाया जाएगा।
गढ़ रोड : काली नदी के पास जमीन खाली है। इस स्थान पर प्रतिमा बनाई जा सकती है। यहां भी पूरा क्षेत्र एमडीए की सीमा में आता है। इस रोड पर भी कहीं प्रवेश द्वार मेरठ को अंकित करता हुआ दिखाई नहीं देता।
रुड़की रोड : पीएसी छठी बटालियन से आगे एनएच-58 तिराहे के पास प्रवेश द्वार संभावित है। इस स्थान पर भी कहीं भी मेरठ शहर का नाम अंकित नहीं है। यहां भी निरीक्षण कर योजना तैयार कराई जाएगी।