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महापौर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट घोटाले में मांगा जवाब
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महापौर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट घोटाले में मांगा जवाब
मेरठ। भोला की झाल स्थित 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में हुए क्लोरीन टोनर घोटाले पर महापौर ने कड़ा संज्ञान लिया है। महापौर ने जीएम जलकल को पत्र लिखकर मामले की जांच कर पूरी जानकारी मांगी है। महापौर का कहना है कि प्लांट को तबाह नहीं होने दिया जाएगा। जो भी अधिकारी जिम्मेदार मिलेगा, उसके खिलाफ शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
यह प्लांट पिछले साल से घोटालों की वजह से सुर्खियों में रहा है। तमाम अनियमितताएं मिलने के बाद प्लांट को चला रही फर्म भी दिवालिया हो चुकी है। अब प्लांट में करीब 32 लाख रुपये का क्लोरीन टोनर सिलेंडर घोटाला सामने आया है। प्लांट से सिलिंडर गायब होने का मामला सामने आने पर फर्म में दिखाने के लिए 15 सिलिंडर तो मंगा लिए, लेकिन वे खाली बताए जा रहे हैं।
इससे पहले जीएम जलकल कुमार गौरव की जांच में प्लांट में निर्धारित 30 सिलिंडरों की जगह केवल 12 सिलिंडर ही मिले थे। इसके लिए जीएम ने जल निगम के परियोजना प्रबंधक को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस घोटाले को उजागर किया तो महापौर सुनीता वर्मा ने संज्ञान लिया। महापौर ने जीएम जलकल को पत्र लिखकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा।
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मेरठ। भोला की झाल स्थित 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में हुए क्लोरीन टोनर घोटाले पर महापौर ने कड़ा संज्ञान लिया है। महापौर ने जीएम जलकल को पत्र लिखकर मामले की जांच कर पूरी जानकारी मांगी है। महापौर का कहना है कि प्लांट को तबाह नहीं होने दिया जाएगा। जो भी अधिकारी जिम्मेदार मिलेगा, उसके खिलाफ शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
यह प्लांट पिछले साल से घोटालों की वजह से सुर्खियों में रहा है। तमाम अनियमितताएं मिलने के बाद प्लांट को चला रही फर्म भी दिवालिया हो चुकी है। अब प्लांट में करीब 32 लाख रुपये का क्लोरीन टोनर सिलेंडर घोटाला सामने आया है। प्लांट से सिलिंडर गायब होने का मामला सामने आने पर फर्म में दिखाने के लिए 15 सिलिंडर तो मंगा लिए, लेकिन वे खाली बताए जा रहे हैं।
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इससे पहले जीएम जलकल कुमार गौरव की जांच में प्लांट में निर्धारित 30 सिलिंडरों की जगह केवल 12 सिलिंडर ही मिले थे। इसके लिए जीएम ने जल निगम के परियोजना प्रबंधक को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस घोटाले को उजागर किया तो महापौर सुनीता वर्मा ने संज्ञान लिया। महापौर ने जीएम जलकल को पत्र लिखकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा।
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