यूपी एनकाउंटर: जांबाज अफसर ने 25 हजार के इनामी बदमाश को मारी गोली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर का सिलसिला जारी है। यहां गुरुवार को पुलिस और बदमाशों को बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में जांबाज अफसर ने एक इनामी बदमाश को गोली मार दी। जबकि एक सिपाही भी घायल हो गया।
सहारनपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने मुठभेड़ के बाद 25 हजार के इनामी बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव घिसरपड़ी निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी छह साल से पुलिस को चकमा देता आ रहा था। मुठभेड़ में धर्मेंद्र के पैर में गोली लगी, जबकि सर्विलांस टीम का एक सिपाही भी हाथ में गोली लगने से घायल हो गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बृहस्पतिवार को अपराह्न लगभग तीन बजे चिलकाना पुलिस तथा सर्विलांस प्रभारी मुबारिक हसन के नेतृत्व में टीम ग्राम घोड़ो पिपली मार्ग पर संदिग्ध की सूचना के चलते वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने बाइक सवार एक संदिग्ध को रोका तो उसने पुलिस पर फायर कर दिया तथा चिलकाना की तरफ भाग निकला। बाइक सवार को भागता देख पुलिस एवं सर्विलांस टीम ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। गांव बैंगनी तथा दुमझेड़ी मार्ग पर उसकी बाइक स्लिप हो गई। उसने बाइक गिरते ही पीछे लगी पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें कांस्टेबल मनोज चौहान के हाथ में गोली लगी। पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की, जिससे धर्मेंद्र के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित है। पुलिस ने घायल आरोपी धर्मेंद्र तथा कांस्टेबल मनोज कुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना मिलते ही फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर मुठभेड़ की जांच शुरू कर दी। धर्मेंद्र के पास से पुलिस ने एक पिस्टल और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
पढ़ें : ...जब एनकाउंटर में मारा गया था मुन्ना बजरंगी, फिर से हुआ जिंदा और मचाया आतंक, तस्वीरें
एक युवक की हत्या कर पहना दिए थे अपने कपड़े
पुलिस के अनुसार सरसावा क्षेत्र के गांव सोराना में वर्ष 2012 में धर्मेंद्र ने पुलिस से बचने के लिए खुद को मरा साबित करने के लिए अपनी पत्नी कविता, अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। धर्मेंद्र ने उसे अपने कपड़े पहना दिए थे और वहां पर अपना मोबाइल भी डाल दिया था, लेकिन पोस्टमार्टम में उसकी पोल खुल गई थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र के अलावा उसकी पत्नी पर उस समय पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। तभी से वह फरार चल रहा था।
छह साल पूर्व पूरे परिवार ने छोड़ दिया था गांव
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार 25 हजार का इनामी धर्मेंद्र का पूरा परिवार ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा। उसके पिता पर भी चोरी के कई आरोपी रहे। 2012 में पूरे परिवार का नाम ही हत्या के अलावा कई घटनाओं में आ गया। जिसके बाद से ही पूरा परिवार गांव छोड़कर फरार हो गया। धर्मेंद्र का दूसरे भाई मुल्ला को भी लूट के मामले में नानौता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार कुछ दिन यह परिवार गांव माजरा में रहा। पुलिस को पता चलने के बाद यह पूरा परिवार पंजाब चला गया और सिख बनकर पंजाब में रहता रहा। वहां पर धर्मेंद्र रविंद्र के नाम से रहता रहा, वहां उसने अपना आधार कार्ड भी बनवा लिया। सहारनपुर में सिरोना गांव में अपनी बहन के यहां आता जाता था। अभी धर्मेंद्र की पत्नी कविता फरार चल रही है। उस पर भी 25 हजार रुपये का इनाम बताया जा रहा है।
दस से अधिक मामले हैं दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए धर्मेंद्र उर्फ रविंद्र पर बड़गांव में चार, जनकपुरी में दो, छपार में तीन तथा सरसावा में एक मामला दर्ज है। इन दस मामलों में हत्या, लूट, गैंगस्टर के भी मामले शामिल हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/