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सीएचसी प्रभारी के सामने कर्मचारियों में मारपीट
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sun, 30 Apr 2017 10:17 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
भावनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बीसीपीएम और हेल्थ सुपरवाइजर में सीएचसी प्रभारी के सामने ही मारपीट हो गई। वहीं सभी कर्मचारियों ने काम काज ठप कर दिया। इस बीच दोनों पक्ष थाने पहुंचे और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने दोनों को हवालात में बंद कर दिया। इसी बीच सीएचसी प्रभारी दोनों का समझौता कराते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। एसीएमओ एसएस चौधरी और डिप्टी सीएमओ गोपाल सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और दोनों से मामले की जानकारी ली।
भावनपुर गांव स्थित में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को हेल्थ सुपरवाइजर सुरेंद्र ठाकुर सीएचसी प्रभारी एसपी सिंह के कार्यालय में आशा कार्यकर्ता की ट्रेनिंग के बारे में चर्चा कर रहे थे। इस बीच पीछे से बीसीपीएम संविदा कर्मी दीपक कुमार पहुंचे और ट्रेनिंग में आने वाले सामान के बारे मे जानकारी देते हुए स्वयं ही व्यवस्था संभालने पर जोर दिया। जिस पर हेल्थ सुपरवाइजर सुरेंद्र ठाकुुर और बीसीपीएम दीपक कुमार में मारपीट हो गई। इस दौरान एक जूता सीएचसी प्रभारी के टेबल पर जाकर पड़ा।
ट्रेनिंग के पैसे को लेकर चल रहा विवाद
सीएचसी प्रभारी डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि उनके स्वास्थ्य केंद्र पर 158 आशा कार्यकर्ता हैं। जिनकी माह में एक बार ट्रेनिंग होती है। वहीं आशा के खान पान और रहने सहित अन्य सुविधाओं को ध्यान मे रखते हुए राज्य सरकार लगभग एक लाख 90 हजार रुपये भेजती है। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद आशा ने बताया कि दोनों में पैसे को लेकर विवाद चल रहा है। उधर, एसीएमओ एसएस चौधरी ने बताया कि सीएमओ को मामले से अवगत कराया जाएगा।
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भावनपुर गांव स्थित में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को हेल्थ सुपरवाइजर सुरेंद्र ठाकुर सीएचसी प्रभारी एसपी सिंह के कार्यालय में आशा कार्यकर्ता की ट्रेनिंग के बारे में चर्चा कर रहे थे। इस बीच पीछे से बीसीपीएम संविदा कर्मी दीपक कुमार पहुंचे और ट्रेनिंग में आने वाले सामान के बारे मे जानकारी देते हुए स्वयं ही व्यवस्था संभालने पर जोर दिया। जिस पर हेल्थ सुपरवाइजर सुरेंद्र ठाकुुर और बीसीपीएम दीपक कुमार में मारपीट हो गई। इस दौरान एक जूता सीएचसी प्रभारी के टेबल पर जाकर पड़ा।
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ट्रेनिंग के पैसे को लेकर चल रहा विवाद
सीएचसी प्रभारी डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि उनके स्वास्थ्य केंद्र पर 158 आशा कार्यकर्ता हैं। जिनकी माह में एक बार ट्रेनिंग होती है। वहीं आशा के खान पान और रहने सहित अन्य सुविधाओं को ध्यान मे रखते हुए राज्य सरकार लगभग एक लाख 90 हजार रुपये भेजती है। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद आशा ने बताया कि दोनों में पैसे को लेकर विवाद चल रहा है। उधर, एसीएमओ एसएस चौधरी ने बताया कि सीएमओ को मामले से अवगत कराया जाएगा।
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