{"_id":"69bebb7be52b65da7401cf0a","slug":"emphasis-on-increasing-sugarcane-production-and-adopting-improved-varieties-meerut-news-c-42-1-smrt1030-105421-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: गन्ने का उत्पादन बढ़ाने, उन्नत प्रजातियों को अपनाने पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: गन्ने का उत्पादन बढ़ाने, उन्नत प्रजातियों को अपनाने पर दिया जोर
विज्ञापन
- दौराला मिल की कृषक गोष्ठी में वैज्ञानिकों का दिए सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। दौराला चीनी मिल में शनिवार को आयोजित किसान गोष्ठी में करीब 500 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने गन्ना उत्पादन बढ़ाने, उन्नत प्रजातियों को अपनाने और रोग-कीट नियंत्रण के प्रभावी उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने किसानों को प्रचलित गन्ना प्रजाति को. 0238 के स्थान पर को शा. 18231, कोशा. 19231, को. 0118, कोशा.लख. 14201 व को.लख. 16202 जैसी उन्नत किस्मों की बुवाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संतुलित उर्वरक प्रयोग और सही पोषण प्रबंधन को पैदावार बढ़ाने की कुंजी बताया। साथ ही गन्ने में लगने वाले प्रमुख कीटों व रोगों के यांत्रिक व रासायनिक नियंत्रण के उपाय भी बताए। चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक संजीव कुमार ने किसानों से केवल स्वीकृत प्रजातियों की बुवाई करने की अपील की, ताकि गन्ना आपूर्ति सुचारु बनी रहे। उन्होंने टॉप बॉरर की रोकथाम के लिए खेतों में लाइट ट्रैप लगाने पर जोर देते हुए बताया कि मिल की ओर से यह उपकरण अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वरिष्ठ प्रबंधक गन्ना विकास डॉ. प्रणव राणा ने रेड रॉट रोग से बचाव के लिए ट्राइकोडर्मा के उपयोग को कारगर बताया। गन्ना विकास परिषद दौराला के ज्येष्ठ निरीक्षक सुधीर सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को बुवाई से पहले बीज की जांच कराने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक तोमर ने किया। इस दौरान भूपेंद्र सिंह, जेपी तोमर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। दौराला चीनी मिल में शनिवार को आयोजित किसान गोष्ठी में करीब 500 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने गन्ना उत्पादन बढ़ाने, उन्नत प्रजातियों को अपनाने और रोग-कीट नियंत्रण के प्रभावी उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने किसानों को प्रचलित गन्ना प्रजाति को. 0238 के स्थान पर को शा. 18231, कोशा. 19231, को. 0118, कोशा.लख. 14201 व को.लख. 16202 जैसी उन्नत किस्मों की बुवाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संतुलित उर्वरक प्रयोग और सही पोषण प्रबंधन को पैदावार बढ़ाने की कुंजी बताया। साथ ही गन्ने में लगने वाले प्रमुख कीटों व रोगों के यांत्रिक व रासायनिक नियंत्रण के उपाय भी बताए। चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक संजीव कुमार ने किसानों से केवल स्वीकृत प्रजातियों की बुवाई करने की अपील की, ताकि गन्ना आपूर्ति सुचारु बनी रहे। उन्होंने टॉप बॉरर की रोकथाम के लिए खेतों में लाइट ट्रैप लगाने पर जोर देते हुए बताया कि मिल की ओर से यह उपकरण अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
वरिष्ठ प्रबंधक गन्ना विकास डॉ. प्रणव राणा ने रेड रॉट रोग से बचाव के लिए ट्राइकोडर्मा के उपयोग को कारगर बताया। गन्ना विकास परिषद दौराला के ज्येष्ठ निरीक्षक सुधीर सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को बुवाई से पहले बीज की जांच कराने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक तोमर ने किया। इस दौरान भूपेंद्र सिंह, जेपी तोमर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन