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Meerut News: रामचरितमानस का संदेश अपनाने से जीवन में आती है मर्यादा और शांति
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प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
- प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में सात दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कथा और पाठ का श्रवण किया। सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद रामचरितमानस का पाठ शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए।
मथुरा-वृंदावन से पधारे आचार्य अग्निहोत्री पंडित ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला महान ग्रंथ है। भगवान श्रीराम के चरित्र से सत्य, त्याग, सेवा, मर्यादा और कर्तव्य पालन की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि मानस का नियमित पाठ और उसके आदर्शों का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि सात दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन विश्व शांति, सामाजिक समरसता और क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना के लिए किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया। मंदिर परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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इस अवसर पर चंद्र प्रकाश शुक्ला, विश्व शर्मा, केशव शर्मा सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कथा और पाठ का श्रवण किया। सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद रामचरितमानस का पाठ शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए।
मथुरा-वृंदावन से पधारे आचार्य अग्निहोत्री पंडित ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला महान ग्रंथ है। भगवान श्रीराम के चरित्र से सत्य, त्याग, सेवा, मर्यादा और कर्तव्य पालन की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि मानस का नियमित पाठ और उसके आदर्शों का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि सात दिवसीय श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन विश्व शांति, सामाजिक समरसता और क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना के लिए किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भी भाग लिया। मंदिर परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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इस अवसर पर चंद्र प्रकाश शुक्ला, विश्व शर्मा, केशव शर्मा सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।