पश्चिमी यूपी का हाल : हड़ताल से हजारों घरों की बत्ती गुल, पानी को तरसे लोग, सैकड़ों गांवों में छाया अंधेरा
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल : बागपत में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बागपत और बड़ौत में करीब दो हजार घरों की बत्ती गुल रही।
विस्तार
विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल का पश्चिमी यूपी के जिलों में भारी असर देखने को मिल रहा है। जहां सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई है तो वहीं लोग पानी तक को तरस गए हैं। ऐसे में अधिकतर गांवों में अंधेरा छाया हुआ है।
बागपत जिले का हाल, 2000 घरों की बत्ती गुल
बागपत में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बागपत और बड़ौत में करीब दो हजार घरों की बत्ती गुल रही। इसके अलावा शहर में लगातार बिजली के कट लगातार लगते रहे। सिंघावली अहीर, पिलाना, हिसावदा उपकेंद्र ठप हो गए, जिनमें केवल सिंघावली अहीर से दोपहर बाहर आपूर्ति शुरू हो सकी। जिलेभर में एक दिन में सौ से ज्यादा शिकायत दर्ज की गई।
बागपत शहर में मेरठ रोड पर ट्रांसफार्मर का फ्यूज जलने से करीब 500 घरों की बत्ती गुल हो गई। पुराने कस्बे के मिर्धानपुर, जैन कॉलेज रोड पर भी फाल्ट होने से करीब 300 घरों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई।
इनके अलावा बागपत शहर में शनिवार सुबह से बिजली के कट लगने शुरू हुए जो दिनभर लगते रहे। बड़ौत की गांधी रोड व गुराना रोड पर शुक्रवार रात 11 बजे से सुबह दस बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
पूर्वाह्न 11 बजे से आजादनगर काॅलोनी, वसंत बिहार, वेद विहार, वरदा ज्योति, चरण सिंह विहार, साकेत, सूर्यनगर काॅलोनी, मोहननगर सहित अन्य काॅलोनियों के लगभग 1250 घरों में शनिवार शाम तक लाइन में फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति नहीं हुई। वहीं कोताना रोड पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौत के अलावा आवासीय परिसर अस्पताल में भी बिजली गुल रही। सीएचसी में जनरेटर चलाकर ही कार्य किया जा रहा है।
फाल्ट और बिजली जाने से फैक्टरी में उत्पादन प्रभावित
औद्योगिक क्षेत्र में भी फाल्ट होने से कई जगह आपूर्ति ठप होने और बार-बार बिजली जाने की समस्या बनी रही। इंडस्ट्रीज ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. योगेश जिंदल, उद्यमी शरद जैन ने बताया कि बिजली समस्या के कारण औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हुआ। इस तरह हर जगह बिजली समस्या बनी हुई है।
30 से ज्यादा गांवों में गुल रही बत्ती
शहरों के साथ ही गांवों में भी बत्ती गुल रही। यहां कोताना, जागोस, खामपुर, लुहारी, जोनमाना, ढिक़ाना, बावली, हिलवाडी, गुराना, लौहड्डा, महावतपुर, बावली में आपूर्ति कई घंटे तक ठप रही। वहीं सिंघावली अहीर बिजलीघर में मशीन में फाल्ट आने की वजह से सिंघावली अहीर, नवादा, सेड़भर, हबीबपुर नंगला, बालैनी, बाखरपुर की आपूर्ति ठप रही। इनके अलावा हिसावदा व पिलाना बिजलीघर भी शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे ब्रेकडाउन हो गए, जिनको शाम तक ठीक कराने का प्रयास किया गया।
पेयजल की समस्या भी झेलनी पड़ी
बागपत व बड़ौत में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा। लोगों ने हैंडपंप के सहारे घर में पानी की व्यवस्था की। वहीं गांवों में भी पेयजल को लेकर काफी समस्या रही।
मांगों को पूरा किया जाए
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक मनोहर सिंह तोमर व अन्य कर्मियों ने कहा कि चार साल पहले समान कार्य व समान वेतन सहित सातवें वेतन आयोग को लागू करने और नियमितीकरण की मांग पर समझौता हुआ था। सरकार द्वारा अभी तक समझौते का पालन नहीं करने से विद्युत निगम के कर्मियों को हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उनकी मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही परेशानी
आजाद नगर कॉलोनी के रहने वाले मनु तिवारी ने बताया कि सुबह ग्यारह बजे बिजली गई थी। मगर कई बार फोन करने के बाद भी कर्मचारियों ने मौके पर आकर फाल्ट को दूर करने की भी जहमत नहीं उठाई। गांधी रोड निवासी टीसी जैन का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से मांग करना सही है, लेकिन कई जगह मनमानी हो रही है। आरोप लगाया कि घरों में आए फाल्ट को ठीक करने के लिए 400 से 500 रुपये तक वसूल किए जा रहे है।
बिजली आपूर्ति ठप, पानी नहीं मिला और उद्योग भी हो गए बंद
मुजफ्फरनगर में विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल और आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। करीब 300 गांव प्रभावित हुए। शहर से लेकर देहात तक पेयजल का संकट खड़ा हो गया। औद्योगिक क्षेत्र में सप्लाई नहीं होने से उद्योग बंद रहे। सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित रहा। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए निगरानी की।
शुक्रवार की रात आंधी के साथ बारिश होने से शहर के अलावा जिले के अधिकतर हिस्से में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चौपट हो गई। रातभर अंधेरा छा गया। पुलिस-प्रशासन ने कड़ी मशक्कत कर कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कराई। शनिवार को बारिश और हड़ताल के चलते आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी रही। सुबह पेयजल नहीं मिलने के कारण लोगों ने किसी तरह इंतजाम किए। हैंडपंपों से जरूरत का पानी घरों तक ले जाया गया। कुछ लोगों ने पेयजल के लिए कैंपर भी मंगाए।
कुछ देर के लिए आपूर्ति शुरू हुई तो सबमर्सिबल से जरूरत का पानी एकत्र किया गया। शहर में कुछ बस्तियों में तो शाम तक बिजली आपूर्ति नहीं हुई। कुछ बिजलीघरों की सप्लाई दोपहर तीन बजे के बाद प्रारंभ कराई गई। नगर पालिका ने जेनरेटर से अपने कुछ ट्यूबवेल चलाए।
इन बस्तियों में अधिक परेशानी हुई
शहर के गंगारामपुरा, खालापार, किदवईनगर, लद्दावाला, सरवट, रुड़की रोड, रामपुरी, जनकपुरी, साकेत, जाट कॉलोनी, लक्ष्मण विहार, नईमंडी, गांधी काॅलोनी आदि बस्तियों में लोगों को अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी को लेकर अधिक किल्लत रही।
पानी खत्म होते ही याद आए सरकारी नल
बिजली आपूर्ति बाधित रहने और नल में पानी नहीं आने पर आम जनता के लिए परेशानी खड़ी हो गई। मोहल्लों में लगे सरकारी हैंडपंप सहारा बने। शहर में उन लोगों को अधिक परेशानी हुई, जिन लोगों ने पशुपालन कर रखा है। कई जगह तो हैंडपंप पर लाइन लगी रही। बिजली गायब रहने पर शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल और कॉलेजों में जनरेटर चलते मिले। लंबे समय बाद जेनरेटर चलाने पड़े।
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से 90 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप
शामली में विद्युत कर्मियों की हड़ताल से बिजली व्यवस्था व्यवस्था बेपटरी होती नजर आ रही है, जगह-जगह आ रहे फाल्टों के ठीक नहीं होने से लगभग 90 गांवों की बिजली ठप हो गई है। 21 विद्युत सब स्टेशन पूरी तरह से बंद हो गए है। बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण, शहरों व कस्बा क्षेत्रों में त्राहि-त्राहि मची हुई है और हर कोई परेशान होता नजर आ रहा है। बिजली अधिकारियों के कार्यालय पर भी ताले लगे रहे और वह धरना स्थल पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। विभाग के राजस्व को भी छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शनिवार को जनपद के कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। शुक्रवार की रात नौ बजे से ही बिजली परेशान करने लगी थी, देर रात से ही फाल्ट आने शुरू हो गई थे। फाल्ट को कोई ठीक करने वाला नहीं था। कई सब स्टेशनों से जुड़े सभी फीडर बंद हो गए थे दो तीन ही फीडर बंद हुए थे। जनपद में 21 सब स्टेशनों से 90 के करीब गांव जुड़े है। वहां रात से ही बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को रात अंधेरे में काटनी पड़ी। सुबह के समय वह अपने खेतों की सिंचाई तक नहीं कर पाए। बिजली न आने से खेतों से वापस घर लौटना पड़ा।
हैंडपंपों पर लगी रही लाइन
बिजली आपूर्ति नहीं आने के कारण शहरों व कस्बों में पानी भरने के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा और वहां पर लाइन लगी रही। चारा काटने में भी काफी दिक्कत आई और जेनरेटर का सहारा लेना पड़ा।
विद्युत कर्मी पीछे नहीं हटा रहे कदम
विद्युत कर्मियों की हड़ताल ने हर किसी को परेशान कर दिया। वह अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हट रहे है। प्रदेश सरकार के लगातार कार्रवाई करने से उनमें आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक वह पीछे नहीं हटने वाले हैं। वह प्रदेश सरकार की कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि या तो सरकार उनकी मांगे मान ले नहीं तो पूरे देश की बिजली को ठप कर दिया जाएगा। इस मौके पर उदय प्रताप सिंह, विनोद कुमार, जुगेंद्र सैनी, रोबिन सिंह, विजय शंकर कुशवाहा, सिकंदर कुमार यादव, अजय कुमार, सौरभ कुमार, अमित राठी, शिवकुमार, ललित कुमार आदि मौजूद रहे।
बिजली कर्मचारियों की चल रही हड़ताल को भाकियू के पदाधिकारियों ने पहुंचकर समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वह उनकी लड़ाई में साथ है। प्रदेश सरकार की तानाशाही को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। उन्होंने आंदोलन को मजबूती के साथ लड़ने का आह्वान किया। समर्थन देने वालों में बाबा श्याम सिंह, जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक, महिला जिलाध्यक्ष कविता चौधरी, जयबीर सिंह, धर्मेंद्र मलिक, नगर अध्यक्ष योगेंद्र पंवार शामिल रहे।
हड़ताल से यह फीडर हुए बंद
टोडा बिजलीघर के सभी फीडर, कैराना देहात के तीन फीडर, थानाभवन देहात के सभी फीडर, हिरनवाड़ा के सभी फीडर, यारपुर के सभी फीडर बंद, चौसाना के सभी फीडर, भोगी माजरा के सभी फीडर, नोजल के सभी फीडर, बाबरी के सभी फीडर, बुटराडा के सभी फीडर, हाथछोया के सभी फीडर, भैसानी इस्लामपुर के सभी फीडर, अंभेटा याक़ूबपुर के सभी फीडर, पंजीठ बिजलीघर के सभी फीडर बंद होने से बिजली आपूर्ति बाधित रही।
संविदा कर्मियों के एक गुट ने किया समर्थन
बिजली हड़ताल को लेकर संविदा कर्मी भी समर्थन में आ गए है। एक गुट ने पहुंचकर हड़ताल को समर्थन देते हुए कहा कि वह भी उनके आंदोलन में साथ है। जब तक मांगे पूरी नहीं होती वह भी कार्य नहीं करेंगे।
हड़ताल के कारण नलकूपों को नहीं हुई बिजली सप्लाई
विद्युत कर्मियों की हड़ताल के कारण शनिवार को भी ऊंचागांव फीडर खेत, पंजीठ फीडर खेत व तीतरवाडा फीडर खेत की सप्लाई चालू नहीं हो सकी। ऊंचागांव फीडर पर खेतों की सप्लाई बृहस्पतिवार सुबह से बंद है। जबकि पंजीठ व तीतरवाडा फीडर खेत की सप्लाई भी शुक्रवार सुबह बंद हो गई थी। शनिवार शाम तक तीनों फीडरों की खेतों की सप्लाई चालू नहीं हो सकी। जिस कारण हजारों किसानों को सिंचाई करने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि बारिश के कारण मौसम में ठंड बढ़ने के कारण बिजली का लोड कम हो गया।
शहर से देहात तक चरमराई बिजली व्यवस्था, पानी को भी तरसे लोग
सहारनपुर में विद्युत कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर से लेकर देहात तक बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। आंधी और बारिश से हालात और अधिक खराब हुए। लाइनों में फाल्ट से शहर में 10 घंटे तो देहात के 800 से अधिक गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। महानगर में बिजली नहीं आने से नलकूप नहीं चले, जिस कारण सुबह लोग पानी के लिए तरस गए। नागरिकों के इन्वर्टर जवाब दे गए। वैकल्पिक व्यवस्था भी काम नहीं आई।
शुक्रवार की रात 12 बजे तेज हवा के साथ बारिश हो गई थी। इसके बाद जनपद में एकाएक बिजली लाइनों में फाल्ट होने लगे। जिससे शहर से लेकर गांव तक की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। शहर की बात करें तो घंटाघर, टीपी नगर, हुसैन बस्ती, हकीकत नगर, अंबाला रोड, किशनपुरा, मंडी समिति बिजलीघरों की 33 केवी लाइन में फाल्ट हो गया।
पौने तीन बजे उक्त बिजलीघरों से जुड़ी शारदा नगर, खलासी लाइन, नेहरू नगर, वेद विहार, गलीरा रोड, विजय काॅलोनी, गोविंद नगर, रामनगर, पठानपुरा, खान आलमपुरा, लोहानी सराय, सुभाष नगर, आवास विकास, लेबर काॅलोनी, श्याम नगर, अंकित विहार, दुर्गा विहार, गुरुद्वारा रोड, कोर्ट रोड, हकीकत नगर, नुमाइश कैंप, खाताखेड़ी आदि में बिजली गुल हो गई।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण रात में कहीं पर बिजली ठीक नहीं हो सकी। शनिवार को ठेकेदारों के कर्मचारियों को लगाया गया। तब फाल्ट ढूंढकर कहीं 12 तो कहीं पर तीन बजे जाकर बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी। बिना बिजली के लोग पानी तक को तरस गए।
देहात में बेहट, सलेमपुर गदा, घुन्ना, दाबकी, हाकिमपुरा, दाबकी, सरसावा, अंबेहटा, सरसावा, कैलाशपुर, आईटीआई, देवबंद, नागल, रामपुर मनिहारान, नानौता, हाजीपुर, गंगोह और नकुड़ के करीब 800 गांवों में शुक्रवार रात 12 बजे तक बिजली ठप हो गई थी। सलेमपुर गदा बिजलीघर से जुड़े गांव रसूलपुर, कवादपुर, चकखीजपुर, टोडरपुर, नुनयारी, जोधेबांस, कांसेपुर, बहरामपुर, तिड़कुआ, टटोहल, धौलरा आदि गांवों में अंधेरा रहा।
नागल में दंघेड़ा के पास बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। इससे नागल, आमकी दीपचंदपुर, दंघेड़ा, भलस्वा ईसापुर, लाखनौर में बिजली सप्लाई बंद रही। देवबंद एसडीएम संजीव कुमार ने पुलिस के साथ उपकेंद्रों पर जाकर बिजली बहाल कराने का प्रयास किया। अंबेहटा में 14 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। आलम यह रहा कि शनिवार को दोपहर तक कहीं पर बिजली सुचारु हुई तो कहीं पर ठप ही रही। गांवों में सबमर्सिबल पंप, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, आटा चक्की और ई-रिक्शा तक चार्ज नहीं हो पाए।
कंट्रोल रूम में पहुंची 200 से अधिक शिकायत
घंटाघर स्थित विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पास जनपदीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। विद्युत कर्मियों की हड़ताल के चलते कंट्रोल रूम में शिकायतें आ रही हैं। शनिवार को 200 से अधिक बिजली नहीं आने, कनेक्शन कटने आदि की शिकायत पहुंचीं।
नगर निगम के टैंकरों से कराई पानी की सप्लाई
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से बिजली गुल हुई तो लोग पानी के लिए भी तरस गए। इसके बाद पूर्व पार्षद मंसूर बदर ने नगर निगम से पानी के तीन टैंकर बुलाए और उन्हें सराय शाहजी और मछियारान में खड़ा कराया। उसके बाद मोहल्ला खटीकान, आली की चुंगी, साबरी का बाग, गाडो का चौक, इंदिरा चौक, शाहदत पुलिस चौकी मार्ग, मेहंदी सराय, इस्लामिया स्कूल मार्ग आदि मोहल्लों में टैंकरों से जलापूर्ति कराई गई।