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एक बार फिर चूक गया मेरठ

अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 25 Jun 2016 01:54 AM IST
आरजी डिग्री कॉलेज के पास स्मार्ट सिटी की वोटिंग
आरजी डिग्री कॉलेज के पास स्मार्ट सिटी की वोटिंग - फोटो : अमर उजाला
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 स्मार्ट सिटी मिशन के तहत दूसरे चरण में चयन के लिए लखनऊ में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में मेरठ के अधिकारी एक बार फिर चूक गए। जहां अन्य सभी शहर अपने प्रस्ताव के साथ साथ इसकी लागत का ब्योरा बनाकर ले गए थे तो वहीं मेरठ के अधिकारियों ने लागत की गणना ही नहीं की। लागत का विवरण पेश न होने से जहां अन्य 11 शहरों के लिए 21346 करोड़ के प्रस्ताव को कमेटी ने हरी झंडी दे तो वहीं मेरठ को समय दिया गया है। कहा गया है कि एक दो दिन में प्रस्ताव का आगणन पेश करें।
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 केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना के तहत दूसरे चरण में चयनित होने वाले शहरों में यूपी के भी 12 शहर शामिल होंगे। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जिसे शुक्रवार को राज्य की हाई पॉवर कमेटी ने मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने शुक्रवार को शहरों से संबंधित प्रस्तावों को अलग-अलग देखा। प्रस्ताव का प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी प्रस्तावों को 30 जून तक केंद्र को भेजने का निर्देश दिया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत देश भर से 109 शहरों का चयन होना था, जिसमें से पहले चरण में 33 शहरों का चयन हो चुका है। पहले चरण में यूपी से सिर्फ एक शहर लखनऊ का चयन किया गया है। अब दूसरे चरण में शेष बचे 76 शहरों में 27 शहरों का चयन होना है। इसलिए इस चरण में कड़ी स्पर्धा होने की संभावना है। इसके मद्देनजर क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आरसीयूईएस) की देखरेख में 12 शहरों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इनमें से 11 शहरों के प्रस्तावों की लागत की गणना तो कर ली गई है, लेकिन मेरठ केलिए लागत की गणना नहीं हो सकी है। मुख्य सचिव ने एक-दो दिन के भीतर मेरठ केप्रस्ताव का आगणन भी तैयार करने को कहा है। वाराणसी के लिए सबसे अधिक धनराशि 2520 करोड़ प्रस्तावित किया गया है। अब मेरठ की टीम 29 जून को फिर से लखनऊ में प्रजेंटेशन देगी। उसके बाद 30 जून को केंद्र की टीम के सामने अपना पक्ष रखना होगा।

रायबरेली का नहीं हुआ प्रजेंटेशन
रायबरेली को सूची में बाद में शामिल किया गया था। उसका प्रस्ताव भी तैयार नहीं हो पाया है। इसलिए बैठक में उसका प्रजेंटेशन नहीं हो पाया। बैठक में सचिव निगर विकास विभाग एसपी सिंह, आरसीयूईएस के निदेशक निशिथ राय, निदेशक, स्थानीय निकाय राकेश कुमार मिश्र, इलाहाबाद के आयुक्त राजन शुक्ला, अलीगढ़ व मेरठ के महापौर के अलावा सभी संबधित शहरों के नगर आयुक्त भी मौजूद थे।

ये है प्रस्ताव (लागत करोड़ में)
वाराणसी 2520, आगरा 2222, कानपुर 2312, अलीगढ़ 1830, इलाहाबाद 2000, झांसी 2074, मुरादाबाद 1420, गाजियाबाद 1871, बरेली 1813, रामपुर 1510, सहारनपुर 1774 और मेरठ (आगणन तैयार नहीं)।

किसी से नहीं की बात
कानपुर की ओर से  बैठक में नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह ने वहां के कंसल्टेंट दाराशॉ एंड कंपनी की तरफ से तैयार किए गए प्रस्ताव (संशोधित डीपीआर) का प्रजेंटेशन किया। दरअसल कानपुर अधिकारियों ने साफ कह दिया था कि उन्हें ऐसी कंसल्टेंट एजेंसी चाहिए जो अनुभवी हो। उसी का फायदा उन्हें मिला। उमेश पहले मेरठ के नगरायुक्त थे और यहां के वर्तमान नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा कानपुर के नगरायुक्त थे। आपस में डिस्कशन ही कर लेते तो राह आसान हो जाती। हैरत की बात यह रही कि यहां की कंसल्टेंट एजेंसी ने किसी भी शहर या लखनऊ अधिकारियों से जानकारी ही नहीं की कि लागत का आगणन भी पेश करना है।

राजनीति नहीं हुई तो समझो पास हो जाएगा मेरठ
यदि राजनीति नहीं हुई तो मेरठ दूसरे चरण के लिए चयनित 12 स्मार्ट शहरों में शामिल कर लिया जाएगा। शुक्रवार की बैठक में मुख्य सचिव ने सभी 12 शहरों को हरी झंडी दी। कहा कि मेरठ एक दो दिन में प्रस्ताव का आगणन दे देगा। ऐसे में मेरठ समेत सभी 12 शहरों के  प्रस्ताव तीस जून तक केंद्र को भेजे जाएंगे।
लखनऊ में हुई बैठक में  महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा और कंसल्टेंट बीके पटेल ने स्मार्ट सिटी का प्रपोजल प्रस्तुत किया। दो सप्ताह के भीतर नगर निगम मेरठ द्वारा तैयार की गई स्मार्ट सिटी की प्रपोजल रिपोर्ट को मुख्य सचिव ने बेहद सराहा। साथ ही कहा कि बाकी शहरों को चार से छह माह का समय मिला, लेकिन मेरठ को मात्र 15 दिन ही मिले। उसके बावजूद मेरठ की प्रपोजल रिपोर्ट बेहद मजबूत साबित हुई। प्रजेंटेशन के दौरान यह भी खुलकर सामने आ गया कि मेरठ वोटिंग में मुरादाबाद, अलीगढ़, कानपुर से भी आगे है। रायबरेली तो प्रजेंटेशन में शामिल ही नहीं हो पाया। जिससे साफ जाहिर हो गया है क्रि मेरठ स्मार्ट सिटी बनने की राह पर मजबूती से चल रहा है।

महापौर ने मांगे वोटिंग के लिए तीन दिन
महापौर ने चीफ सेक्रेटरी से वोटिंग के लिए तीन दिन की और मांग की, ताकि स्मार्ट सिटी के पक्ष में अधिक से अधिक वोटिंग कराई जा सके। प्रजेंटशन पर महापौर का कहना है कि उप्र के कई बड़े शहरों का प्रपोजल हो या फिर वोटिंग। इनमें हमारा मेरठ शहर काफी आगे है।

जिमखाना मैदान में आज मेगा कैंप
स्मार्ट सिटी की वोटिंग के लिए जिमखाना मैदान में आज मेगा कैंप लगाया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को भाजपा नेता विवेक वाजपेयी आदि कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रचार वाहन से जनता को जागरूक किया। साथ ही शहर की जनता से आह्वान किया कि जिन लोगों ने अभी तक स्मार्ट सिटी की वोटिंग नहीं की है। वह एक ही छत के नीचे जिमखाना मैदान में आज लगने वाले मेगा कैंप में पहुंचकर स्मार्ट सिटी के पक्ष में अपनी वोट कर सकते हैं, क्योंकि वोटिंग का आज अंतिम दिन होगा।
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