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आर्थिक गणना हुई शुरू, टीम पहुंचेगी घर पूछेगी क्या करते हैं आप
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आर्थिक गणना के लिए घर-घर पहुंचेगी टीम
मेरठ। आपके घर तक पहुंचकर टीम आपसे पूछेगी क्या आप व्यापार करते हैं। इसकी जानकारी आपको देनी होगी। जिलाधिकारी ने बुधवार को सातवीं आर्थिक गणना-2019 का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने आमजन से अपील की है कि आर्थिक रूप से आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रभावी परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी सूचनाएं उपलब्ध कराएं। इस बार आर्थिक गणना मोबाइल एप के जरिये की जाएगी। वहीं, इसके आंकडे गोपनीय रखे जाएंगे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर अंकित खंडेलवाल, जिला सूचना अधिकारी आशुतोष चंदोला, अर्थ एवं संख्याधिकारी पंकज कुमार तथा जिला समन्वयक कॉमन सर्विस सेंटर सिद्धार्थ त्यागी उपस्थित रहे।
इस गणना में कृषि से संबंधित उद्यमों को छोडकर सभी प्रकार के उद्यमों का सर्वेक्षण कार्य कॉमन सर्विस सेन्टर (सीएससी) के द्वारा किया जाना है। जिले मेें 479 ग्रामीण एवं 126 नगरीय क्षेत्रों में 2416 प्रगणकों तथा 604 सुपरवाईजरों को सर्वेक्षण कार्य मोबाइल एप के माध्यम से कराना है। प्रथम आर्थिक गणना वर्ष 1977, द्वितीय वर्ष 1980, तृतीय वर्ष 1990, चतुर्थ वर्ष 1998, पंचम वर्ष 2005, छठीं वर्ष 2013 व सातवीं आर्थिक गणना वर्ष 2019-20 में की जा रही है। आर्थिक गणना-2019 का कार्य मार्च- 2020 तक पूरा करना है।
ये जानकारी देनी होंगी
घर या उद्यम स्थल पर टीम के पहुंचने पर आपको अपने व्यवसाय की जानकारी देनी होगी। अगर आप अपने घर में कोई व्यवसाय करते हैं तो उससे जुड़े कार्मिकों का डेटा भी देना होगा। वहीं, अगर आपका व्यवसाय या नौकरी शहर में किसी अन्य स्थान पर है तो आपकी जानकारी आपके संस्थान से ही ली जाएगी। इसके लिए घर पर जानकारी अपलोड नहीं होगी।
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पांचवीं आर्थिक गणना में तीसरा स्थान
पांचवीं आर्थिक गणना के आंकड़ों में मेरठ का स्थान पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरा था। मेरठ में पांचवी आर्थिक गणना के अनुसार कुल उद्यमों की संख्या दो लाख 51 हजार 71 थी। वहीं, सर्वाधिक कामगारों में भी प्रदेश में मेरठ का नाम सातवें स्थान पर रहा था। इसमें कुल कामगारों की संख्या चार लाख 91 हजार 840 थी। हालांकि, अभी छठीं आर्थिक गणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं है।
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मेरठ। आपके घर तक पहुंचकर टीम आपसे पूछेगी क्या आप व्यापार करते हैं। इसकी जानकारी आपको देनी होगी। जिलाधिकारी ने बुधवार को सातवीं आर्थिक गणना-2019 का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने आमजन से अपील की है कि आर्थिक रूप से आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रभावी परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी सूचनाएं उपलब्ध कराएं। इस बार आर्थिक गणना मोबाइल एप के जरिये की जाएगी। वहीं, इसके आंकडे गोपनीय रखे जाएंगे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर अंकित खंडेलवाल, जिला सूचना अधिकारी आशुतोष चंदोला, अर्थ एवं संख्याधिकारी पंकज कुमार तथा जिला समन्वयक कॉमन सर्विस सेंटर सिद्धार्थ त्यागी उपस्थित रहे।
इस गणना में कृषि से संबंधित उद्यमों को छोडकर सभी प्रकार के उद्यमों का सर्वेक्षण कार्य कॉमन सर्विस सेन्टर (सीएससी) के द्वारा किया जाना है। जिले मेें 479 ग्रामीण एवं 126 नगरीय क्षेत्रों में 2416 प्रगणकों तथा 604 सुपरवाईजरों को सर्वेक्षण कार्य मोबाइल एप के माध्यम से कराना है। प्रथम आर्थिक गणना वर्ष 1977, द्वितीय वर्ष 1980, तृतीय वर्ष 1990, चतुर्थ वर्ष 1998, पंचम वर्ष 2005, छठीं वर्ष 2013 व सातवीं आर्थिक गणना वर्ष 2019-20 में की जा रही है। आर्थिक गणना-2019 का कार्य मार्च- 2020 तक पूरा करना है।
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ये जानकारी देनी होंगी
घर या उद्यम स्थल पर टीम के पहुंचने पर आपको अपने व्यवसाय की जानकारी देनी होगी। अगर आप अपने घर में कोई व्यवसाय करते हैं तो उससे जुड़े कार्मिकों का डेटा भी देना होगा। वहीं, अगर आपका व्यवसाय या नौकरी शहर में किसी अन्य स्थान पर है तो आपकी जानकारी आपके संस्थान से ही ली जाएगी। इसके लिए घर पर जानकारी अपलोड नहीं होगी।
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पांचवीं आर्थिक गणना में तीसरा स्थान
पांचवीं आर्थिक गणना के आंकड़ों में मेरठ का स्थान पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरा था। मेरठ में पांचवी आर्थिक गणना के अनुसार कुल उद्यमों की संख्या दो लाख 51 हजार 71 थी। वहीं, सर्वाधिक कामगारों में भी प्रदेश में मेरठ का नाम सातवें स्थान पर रहा था। इसमें कुल कामगारों की संख्या चार लाख 91 हजार 840 थी। हालांकि, अभी छठीं आर्थिक गणना के आंकड़े उपलब्ध नहीं है।