डेढ़ करोड़ से ईको टूरिज्म को मिलेगी ‘मंजिल’
हस्तिनापुर सेंक्चुरी में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश फोरेस्ट कारपोरेशन में ईको टूरिज्म के जनरल मैनेजर के प्रवीण राव ने सेंक्चुरी का दौरा यहां टूरिज्म की अपार संभावना बताई हैं। वन निगम ने पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था करने और घुमाने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। सेंक्चुरी में आने वाले पर्यटकों के लिए लकड़ी के चार रेस्ट हाउस बनाए जाएंगे। एक रेस्ट हाउस बनाने में करीब 30 लाख रुपये की लागत आएगी।
प्रदेश में ईको टूरिज्म को चलाने और बढ़ाने की जिम्मेदारी सरकार ने वन निगम को सौंप रखी है। हस्तिनापुर सेंक्चुरी में एक दिन के ईको टूरिज्म को निगम पहले ही मंजूरी दे चुका है। आनलाइन बुकिंग के बाद यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए क्या इंतजाम किए जाएं, फील्ड की स्थिति क्या है। किन बातों पर और ध्यान दिया जाना चाहिए, इन सवालों के साथ वन निगम के ईको टूरिज्म के जीएम के प्रवीण राव ने हाल में सेंक्चुरी का दौरा किया।
सेंक्चुरी में अभी पर्यटकों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं
मुख्य वन संरक्षक मेरठ जोन मुकेश कुमार का कहना है पर्यटन के लिहाज से उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सेंक्चुरी में अभी पर्यटकों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके लिए लकड़ी के चार रेस्ट हाउस बनाने के लिए बजट देने और पर्यटकों को घुमाने के लिए एक गाड़ी देने की व्यवस्था करने की मंजूरी जीएम ने दी है। वन विभाग ईको टूरिज्म के प्रोजेक्ट में यह बातें शामिल कर रहा है। लकड़ी की रेस्ट आलीशान होंगे। पर्यटक उनमें खाने, पीने और रहने का लुत्फ हाईजीन और स्टैंडर्ड के साथ उठा सकेंगे। रेस्ट हाउस की जगह जल्द तय की जाएगी। मुख्य वन संरक्षक का कहना है पर्यटकों के लिहाज से ठहरने और खाने पीने की व्यवस्था करने के लिए स्थानीय लोगों को आगे आना चाहिए। इससे उनको भी फायदा होगा। सुरक्षा और अच्छी सुविधा मिलने पर ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए विभाग जल्द ही प्रोग्राम करेगा। जिसमें लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी।