Earthquake: मेरठ समेत एनसीआर में भूकंप के तेज झटके, फ्लैट छोड़कर बाहर भागे लोग, फैली दहशत
गुरुवार सुबह मेरठ समेत पूरे एनसीआर में 4.4 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भाजपा नेता सत्येंद्र भराला बाथरूम से बाहर निकलकर चिल्लाने लगे। लोग फ्लैट छोड़कर मैदानों में पहुंचे।
विस्तार
गुरुवार सुबह 9:05 बजे मेरठ, दिल्ली और पूरे एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई, जिसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में था। झटके करीब 15 से 20 सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
मेरठ के मोदीपुरम में उस वक्त अजीब नजारा देखने को मिला जब भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सत्येंद्र भराला भूकंप के झटकों के बीच बाथरूम से बाहर निकलकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे। उन्होंने बताया कि जैसे ही धरती हिलती महसूस हुई, वे घबरा गए और शोर मचा दिया।
कोणार्क कॉलोनी, सनसिटी, अंसल कोट्यार्ड, मेरठ वन कॉलोनी समेत मल्टी स्टोरी इलाकों के लोग अपने फ्लैट्स से निकलकर मैदानों में पहुंच गए। रजनीश कुमार, ओमपाल गुर्जर, और आकाश प्रधान जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों में इतने तेज झटके उन्होंने कभी नहीं महसूस किए।
हर कॉलोनी, हर गली, हर मोहल्ले में एक ही दृश्य देखने को मिला। लोग सड़कों पर खड़े होकर कह रहे थे कि अगर कुछ सेकंड और रहता, तो मकान गिर सकते थे।
भूकंप की तीव्रता और झटकों की अवधि ने लोगों को डरा दिया। गांव से लेकर शहर तक, हर किसी ने इसे महसूस किया। विशेषज्ञों ने चेताया कि लगातार ऐसे झटके आना खतरे की घंटी हो सकते हैं।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि एक बड़े झटके के बाद कई हल्के झटके आ सकते हैं। मेरठ सिस्मिक जोन 4 और 5 में आता है, जहां भूकंप की संभावनाएं अधिक रहती हैं। प्लेट टैक्टोनिक सिद्धांत के अनुसार, पृथ्वी की प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं, जिससे ऐसी घटनाएं होती हैं।
लोगों ने राहत की सांस ली कि इसका केंद्र गहराई में था और इससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन डर अब भी कायम है।