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Meerut News: जांच में कक्केपुर विद्यालय में गबन सहित कई खामियां मिली
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सरूरपुर। गांव कक्केपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की लीज के मामले में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए न्यायमित्रों ने अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल कर दी है। रिपोर्ट में विद्यालय की जमीन के रुपये के गबन से लेकर बच्चों के मिड डे मील, बच्चों की उपस्थिति सहित कई गड़बड़ी मिली हैं। जांच के बाद प्रधानाध्यापक रोशन लाल को निलंबित किया जा चुका है।
गांव कक्केपुर में उच्च प्राथमिक विद्यालय की भूमि को लीज पर लेने के मामले में विवाद चल रहा है। जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन प्रधानाध्यापक अजय शर्मा को निलंबित किया गया था। इसके बाद रोशन लाल को प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया। 18 सितंबर को स्कूल की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी। प्रधानाध्यापक रोशन लाल पर गांव की राजनीति में शामिल होकर षडयंत्र रचकर स्कूल की भूमि पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगा था। इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित दाखिल की गई।
न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने न्यायमित्रों को नियुक्त कर जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में बताया कि विद्यालय में छात्रों का फर्जी तरीके से पंजीकरण कर मिड डे मील में गबन, दिव्यांग बच्चों का फर्जी दाखिला कर सहायता राशि का गबन, अध्यापकों व छात्रों की उपस्थिति, प्रबंधन समिति से छेड़छाड, विद्यालय के कुछ बच्चों का पंजीकरण निजी स्कूलों में पाए जाने समेत कई खामियां मिली हैं।
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गांव कक्केपुर में उच्च प्राथमिक विद्यालय की भूमि को लीज पर लेने के मामले में विवाद चल रहा है। जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन प्रधानाध्यापक अजय शर्मा को निलंबित किया गया था। इसके बाद रोशन लाल को प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया। 18 सितंबर को स्कूल की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कृष्णपाल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी। प्रधानाध्यापक रोशन लाल पर गांव की राजनीति में शामिल होकर षडयंत्र रचकर स्कूल की भूमि पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगा था। इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित दाखिल की गई।
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न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने न्यायमित्रों को नियुक्त कर जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट में बताया कि विद्यालय में छात्रों का फर्जी तरीके से पंजीकरण कर मिड डे मील में गबन, दिव्यांग बच्चों का फर्जी दाखिला कर सहायता राशि का गबन, अध्यापकों व छात्रों की उपस्थिति, प्रबंधन समिति से छेड़छाड, विद्यालय के कुछ बच्चों का पंजीकरण निजी स्कूलों में पाए जाने समेत कई खामियां मिली हैं।
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