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Meerut News: सर्द और प्रदूषित हवाएं, रोज 10 सिगरेट जितना निगल रहे जहर

Mon, 15 Dec 2025 03:02 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 03:02 AM IST
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Due to pollution people have to inhale pollution
मेरठ। सर्दी के बढ़ते ही शहर में दिल और दिमाग की सेहत पर खतरा गहराने लगा है। सर्द लहरों से शरीर कंपकंपा रहे हैं तो जहरीली हवा सांसों के रास्ते अंदर जाकर हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ा रही है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में हृदय व सांस से जुड़े मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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ठंड में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड का सीधा असर धमनियों पर पड़ता है। सर्द मौसम में धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। पसीना नहीं आने और प्यास कम लगने के कारण लोग पानी कम पीते हैं, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है। गाढ़ा रक्त क्लॉट बनाकर हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका बढ़ा देता है। नींद के दौरान दिल की धड़कन धीमी पड़ जाती है। कई मामलों में अचानक कार्डिएक अरेस्ट तक की स्थिति बन जाती है। यही कारण है कि सर्दियों में रात के समय हार्ट अटैक के मामले अधिक सामने आते हैं।
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प्रदूषण बना फेफड़े और दिल का दुश्मन
ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण स्थिति को और गंभीर बना रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुका है। स्वस्थ व्यक्ति भी चलने पर हांफने लगते हैं, ऐसे में हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति और खतरनाक है। मेरठ पहले से ही देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार है। चिकित्सकों का कहना है कि यहां की हवा ऐसी है मानो हर व्यक्ति रोजाना करीब दस सिगरेट का धुआं बिना चाहे ही पी रहा हो।
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खानपान और दिनचर्या में बरतें सावधानी
ठंड के मौसम में शरीर को गर्म और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए मौसमी फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें। बुजुर्गों को फ्लू का टीका अवश्य लगवाना चाहिए। शादी-विवाह जैसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में जाने से बचें। ठंड और प्रदूषण का असर वहां और अधिक होता है। चिकना, तला-भुना और मसालेदार भोजन छोड़कर हल्का और सुपाच्य आहार लें। शुगर और बीपी के मरीज नियमित दवा लें और अपनी जांच कराते रहें।

धूम्रपान और शराब से परहेज जरूरी
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल बताते हैं कि सर्दी में धूम्रपान और शराब दिल के लिए सबसे खतरनाक साबित हो सकते हैं। शराब शरीर का तापमान गिराती है, जिससे ठंड का असर बढ़ता है। वहीं सिगरेट रक्त धमनियों को और संकुचित कर देती है। हृदय रोगी सुबह-शाम टहलने से परहेज करें। जरूरत हो तो घर के भीतर हल्की एक्सरसाइज करें।
हृदय रोगी अपनाएं संतुलित डाइट
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ममतेश गुप्ता के अनुसार इस मौसम में सही डाइट दिल की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है। मल्टीग्रेन आटा, अलग-अलग कोल्ड प्रेस्ड तेल, मौसमी फल-सब्जियां, मेवे और हल्का प्रोटीन दिल को मजबूत रखते हैं। लाल मिर्च, मैदा, फास्ट फूड और मीठे पेय से दूरी बनाना जरूरी है। चीनी की जगह गुड़ या शक्कर बेहतर विकल्प हैं। घर में एयर प्यूरीफायर लगाना या ऑक्सीजन देने वाले इनडोर पौधे रखना भी लाभकारी हो सकता है।


सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज
कुल मिलाकर ठंड और प्रदूषण के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। सही खानपान, सीमित गतिविधि, प्रदूषण से बचाव और नियमित जांच के जरिए दिल और दिमाग को सुरक्षित रखा जा सकता है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए समय रहते सतर्क हो जाना ही समझदारी है।
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