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गंगा एक्सप्रेसवे की दो सप्ताह बाद भी डीपीआर अपलोड नहीं
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मेरठ। देश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे बनाने का दावा करने वाली सरकार के सामने शुरूआत में ही दिक्कतें आने लगी हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के पहले चरण की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट दो सप्ताह गुजर जाने के बाद भी अपलोड नहीं की गई है। हालांकि कांशी और हाजीपुर इलाके के लोग पंचायतों के माध्यम से सरकार से अपने-अपने क्षेत्र में एलाइनमेंट की मांग कर रहे हैं।
अभी तक तीन चरणों की डीपीआर अपलोड होना बाकी है। इससे पहले 31 अगस्त तक सभी डीपीआर को यूपीडा की वेबसाइट पर अपलोड करना था। जिससे गंगा एक्सप्रेसवे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, इंतजार लंबा होता देख लोग तमाम तरह की बातें कर रहे हैं। एक तरफ ठाकुर गुट भाजपा पर दबाव बनाकर सिसौली से एलाइनमेंट निकाले जाने की मांग पर अड़ा है। वहीं, दूसरी ओर कांशी क्षेत्र के लोग भी भाजपा पर दबाव बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधि भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
सरकार कम खर्च पर दे रही ध्यान
कोरोना काल में डूबी अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अब नए प्रोजेक्ट में कम किलोमीटर और कम बजट पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने प्राधिकरणों में भी नए प्रोजेक्ट शुरू करने की मनाही कर दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे को बनाया जाना जरूरी है। इसके मद्देनजर यूपीडा इसका मूल्यांकन कर रहा है। उम्मीद है कि इसे आउटर रिंग रोड से ही शुुरू किया जा सकता है। जिससे इसके किलोमीटर में ओर कमी आएगी। इसके बाद शुरूआत गढ़ रोड से ही की जाएगी।
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अभी तक तीन चरणों की डीपीआर अपलोड होना बाकी है। इससे पहले 31 अगस्त तक सभी डीपीआर को यूपीडा की वेबसाइट पर अपलोड करना था। जिससे गंगा एक्सप्रेसवे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, इंतजार लंबा होता देख लोग तमाम तरह की बातें कर रहे हैं। एक तरफ ठाकुर गुट भाजपा पर दबाव बनाकर सिसौली से एलाइनमेंट निकाले जाने की मांग पर अड़ा है। वहीं, दूसरी ओर कांशी क्षेत्र के लोग भी भाजपा पर दबाव बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधि भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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सरकार कम खर्च पर दे रही ध्यान
कोरोना काल में डूबी अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अब नए प्रोजेक्ट में कम किलोमीटर और कम बजट पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने प्राधिकरणों में भी नए प्रोजेक्ट शुरू करने की मनाही कर दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे को बनाया जाना जरूरी है। इसके मद्देनजर यूपीडा इसका मूल्यांकन कर रहा है। उम्मीद है कि इसे आउटर रिंग रोड से ही शुुरू किया जा सकता है। जिससे इसके किलोमीटर में ओर कमी आएगी। इसके बाद शुरूआत गढ़ रोड से ही की जाएगी।
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