हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगम्बर जैन मंदिर में विश्व शांति के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का आज 29 वां दिन रहा। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य चंदन, स्वर्ण कलश से अभिषेक वीनू जैन को मिला। दीप प्रज्ज्वलन शिल्पा जैन, नीरा जैन ने किया। ब्रा. ब्र. सुनीता दीदी ने शान्तिधारा का उच्चारण किया। 101 परिवारों की ओर से विधान किया गया। समस्त स्थानीय जैन समाज, बड़ा मंदिर व गुरुकुल के समस्त स्टाफ एवं छात्र उपस्थित हुए। गुरुवर श्री चैत्यसागर जी ने त्याग को मन की साधना बताते हुए कहा कि यदि हम घर से कहीं बाहर जाते हैं तो घर परिवार सब छूटता है पर उनसे संबंध, ममत्व भाव नहीं छूटता। इसलिए वह त्याग नहीं कहलाता है। गृहस्त जीवन में त्याग दान के रूप में आता है और सन्यासी जीवन में त्याग के रूप में। गृहस्थ जीवन में दान के चार प्रकार के हैं जिसमें औषधि, शास्त्र, अभय और आहार दान। विधान का विसर्जन सलिल जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप नीरू जैन, शशी जैन ने जलाया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन लाड़ देवी, मनमोहन जैन ने किया गया। मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम जैन, विपिन शमा आदि मौजूद रहे।