फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Dograi Vijay Diwas: Major General SS Ahlawat said that history was made by army

जाट रेजिमेंट ने मनाया विजय दिवस: मेजर जनरल एसएस अहलावत बोले-इतिहास बनता नहीं बनाया जाता है, चेहरों पर दिखा जोश

Fri, 22 Sep 2023 02:33 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 22 Sep 2023 02:33 PM IST
सार

Meerut News : मेजर जनरल एसएस अहलावत ने कहा कि इतिहास बनता नहीं बनाया जाता है। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान का डोगराई शहर फतेह कर तीन जाट बटालियन ने अविस्मरणीय इतिहास रचा था।

विज्ञापन
Dograi Vijay Diwas: Major General SS Ahlawat said that history was made by army
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

1965 के युद्ध में डोगराई विजय पाने वाली जाट रेजिमेंट ने शुक्रवार को संस्कृति रिजॉर्ट में विजय दिवस मनाया। विजय दिवस में मुख्य अतिथि मेजर जनरल बीआर वर्मा और मेजर जनरल एसएस अहलावत ने जाट रेजिमेंट की गौरवगाथा सुनाई। इस दौरान 1965 के युद्ध के किस्से सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

विज्ञापन


मेजर जनरल एसएस अहलावत ने कहा कि राष्ट्र की एकता अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखना सैनिक का प्रथम कर्तव्य है। इतिहास बनता नहीं बनाया जाता है। 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान का डोगराई शहर फतेह कर तीन जाट बटालियन ने अविस्मरणीय इतिहास रचा था।
विज्ञापन


वहीं, 22 सितंबर शुक्रवार को मेरठ के संस्कृति रिजॉर्ट में देश के कोने-कोने से पहुंचे तीन जाट बटालियन के बुजुर्ग पूर्व सैनिकों ने इस विजय की 58वीं वर्षगांठ को जोश और उल्लास के साथ मनाया। अपने-अपने इलाके के सुंदर परिधानों में पहुंचे ये वेटरन्स एक-दूसरे के साथ गले मिलकर भावुक हो गए। इस दौरान वे अपनी भावनाओं को प्रकट करते दिखाई दिए। देखा गया कि इन सभी के चेहरों पर खुशी, जोश और आंखों में प्यार झलक रहा था। ये सभी उस ऐतिहासिक विजय को याद कर रहे थे, जिसके लिए इन्होंने अपनी जान की बाजी लगा दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बताया गया कि एक सितंबर 1823 में गठित तीन जाट बटालियन ने अपने 200 वर्षों के लंबे सैनिक इतिहास में अनेकों युद्ध में जीत हासिल कर खूब नाम कमाया है। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय लेफ्टिनेंट कर्नल डी ई हेड के नेतृत्व में बटालियन के 550 शूरवीरों ने अदम्य साहस और वीरता दिखाते हुए सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पाकिस्तान के डोगराई शहर की रक्षा में लगी उसकी तीन बलोच, आठ पंजाब, आठ बलोच और 16 पंजाब बटालियन को बुरी तरीके से हरा कर दुश्मन के 509 सैनिकों को यमलोक भेजा और उनकी 16 पंजाब के कमान अधिकारी कर्नल गोलवाला सहित 108 सैनिकों को युद्ध बंदी बनाया।

यह भी पढ़ें: पूर्व आईपीएस का भाजपा पर हमला: अमिताभ ठाकुर बोले- आजम खां पर कार्रवाई तो अपने मंत्री को क्यों छोड़ रही सरकार

इस गुत्थमगुत्था की भयंकर लड़ाई में कंपनी कमांडर मेजर आशाराम त्यागी, मेजर कपिल सिंह थापा सहित पांच ऑफिसर, एक जेसीओ और 89 जवान देश की आन बान और शान के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर अमर हो गए। इस लड़ाई में तीन जाट बटालियन के 228 वीर सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए थे। युद्ध उपरांत बटालियन के बहादुर सैनिकों को तीन महावीर चक्र, चार वीर चक्र, सात सेना मेडल, 12 मेनशन इन डिस्पैच और 11 आर्मी चीफ के प्रशंसा पत्रों से नवाजा गया। वहीं, बटालियन को डोगराई के युद्ध सम्मान से सम्मानित गया था।

यह भी पढ़ें: देवबंद: एटीएस ने एक संदिग्ध उठाया, टीम को मिले अहम सबूत, पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed