सेहत पर भारी प्रदूषण: खेतों में न जलाएं पराली, गांवों में लोगों को जागरूक कर रहे गन्ना विभाग के अधिकारी
दिल्ली-एनसीआर में वायु की खराब होती जा रही गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट लगातार फटकार लगा रहा है। वहीं मेरठ में गन्ना अधिकारी गांव गांव में जाकर किसानों से खेतों में पराली नहीं जलाने की गुजारिश कर रहे हैं।
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मेरठ में गन्ना विभाग के अधिकारी लगातार गांवों में जाकर किसानों से गन्ने की पत्ती और धान की पराली को खेत में न जलाने की गुहार लगा रहे है। किसानों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु की खराब होती जा रही गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट लगातार सरकारों को फटकार लगा रहा है। इससे चेते विभागों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। गन्ना विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार गांवों में पहुंचकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
मंगलवार को जिला गन्ना अधिकारी डॉ दुष्यंत कुमार ने कृषि विज्ञान केंद्र हस्तिनापुर में आयोजित गोष्ठी में आए किसानों को गन्ने की सूूखी पत्तियों का प्रबंधन, गन्ना आधारित सह फसल करने आदि के बारे में बताया।
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डीसीओ ने आसपास के कई गांवों में पहुंचकर किसानों से पत्ती न जलाने की अपील की। डॉ दुष्यंत कुमार ने बताया कि गन्ना विभाग कर्मी गांवों में पहुंचकर किसानों को पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
पत्ती और पराली जलाने से खेत की मिट्टी के पोषक तत्वों को होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है। अब पहले के मुकाबले पत्ती जलाने में काफी कमी देखी जा रही है।
25 लाख का जुर्माना अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई : डॉ. योगेंद्र
शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीएम द्वारा गठित टीम क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। एनसीआरटीसी पर 25 लाख का जुर्माना लगाया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी डा. योगेंद्र कुमार का कहना है कि यह अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए छह टीमें लगी हैं। प्रत्येक दिन की रिपोर्ट बनाकर बोर्ड मुख्यालय भेजी जा रही है।