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मौत का खतरा : हादसों को न्यौता दे रहीं जर्जर इमारतें, पहले भी हो चुके हैं हादसे, तीन की गई थी जान
Wed, 16 Jun 2021 12:02 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 16 Jun 2021 12:02 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के देवबंद में जर्जर हालत में खड़ा खानकाह का बड़ा दरवाजा और दीवान गेट कभी भी गिर सकते हैं, लेकिन प्रशासन का नगर की ऐसी ही अन्य जर्जर इमारतों पर कोई ध्यान नहीं है।
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जर्जर हालत में खड़ा खानकाह का बड़ा दरवाजा और दीवान गेट
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के देवबंद में खड़ी जर्जर इमारतें हादसों को न्योता दे रही हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। दर्जनों इमारतें ऐसी हैं जो कभी भी जमींदोज हो सकती हैं और उनसे बड़ा हादसा हो सकता है। इन्हें गिराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। इन इमारतों के गिरने का सबसे अधिक खतरा बरसात के मौसम में रहता है।
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नगर के मोहल्ला दीवान, खानकाह, मोहल्ला चाहपारस, मोहल्ला लाल मस्जिद सहित कई मोहल्लों में जर्जर इमारतें बेहद नाजुक हालत में खड़ी हैं। जिनके गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन प्रशासन ने उन्हें गिराने के लिए आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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यह हालात तब है जब वर्ष 2017 में मोहल्ला महल में मकान की जर्जर दीवार बारिश में भरभराकर सड़क पर गिर गई थी। जिसके मलबे में दबकर मोहल्ला टपरी निवासी असद, लईक और मणिपुर के मदरसा छात्र ओसामा की मौत हो गई थी, जबकि 10 से 12 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे।
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इसके कुछ समय बाद ही मोहल्ला किला पर जर्जर मकान गिरने से एक व्यक्ति की उसके नीचे दबकर मौत हो गई थी। उसके बाद पालिका प्रशासन ने जर्जर भवनों को गिराने के लिए नोटिस भेजे थे, लेकिन आज भी यह भवन पहले से जर्जर हालत में खड़े हुए हैं। जो कभी भी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं।
नगर का अति व्यस्त दारुल उलूम चौक के समीप खड़ा दीवान गेट और मोहल्ला खानकाह में इंदिरा पार्क के सामने खड़ा बड़ा दरवाजा बेहद खराब हालत में है। जो कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। वहीं, पालिका के ईओ का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एसडीएम राकेश कुमार का कहना है की जहां जहां जर्जर भवन हैं उनकी जांच कराकर उन्हें चिह्नित किया जाएगा और कार्रवाई कराई जाएगी।