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15 करोड़ में कुछ नहीं किया, अब 10 करोड़ और ले लिए
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15 करोड़ में कुछ नहीं किया, अब 10 करोड़ और ले लिए
मेरठ। नगर निगम को हस्तांतरित कालोनियों में विकास कार्यों के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने पहले 15 करोड़ रुपये दिए थे और अब फिर से 10 करोड़ रुपये और दिए हैं। निगम ने पहले मिली धनराशि से अब तक कोई विकास कार्य नहीं कराए हैं। ऐसे में अब मिली धनराशि के प्रयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसका खामियाजा कालोनियों के लोग भुगत रहे हैं।
दरअसल, मेरठ विकास प्राधिकरण ने महानगर में शताब्दीनगर, गंगानगर, रक्षापुरम, वेदव्यासपुरी, श्रद्धापुरी, सैनिक विहार, डिफेंस एंक्लेव, लोहियानगर सहित अन्य कालोनियों को विकसित किया। इनमें से आठ कालोनियों को हस्तानांतरित करने के लिए एमडीए और नगर निगम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कालोनियों का निरीक्षण किया था।
कालोनियों में टूटी पड़ी नाली, सड़क आदि निर्माण के लिए नगर निगम ने एमडीए से 79.32 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसमें से एमडीए ने आठ कालोनी गंगानगर, रक्षापुरम, वेदव्यासपुरी, मेजर ध्यानचंद नगर, श्रद्धापुरी, सैनिक विहार, पांडव नगर, डिफेंस एंक्लेव को निगम को हैंडओवर कर दिया था। इसके साथ ही विकास कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये भी दिए थे, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं कराए गए हैं। इन कालोनियों के लोग अब भी विकास कार्य और सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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कार्यकारिणी की बैठक में उठ चुका है मुद्दा
- एमडीए से धन मिलने के बाद भी विकास कार्य शुरू न कराए जाने का मामला नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में भी उठ चुका है। पार्षदों ने कालोनियों की जर्जर सड़क, नाली व नालों की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। पार्षदों ने अपनी कालोनियों में विकास कार्य के लिए प्रस्ताव भी दिए, लेकिन इन पर कुछ नहीं हो पाया।
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ये बोले अफसर...
- एमडीए से हस्तानांतरित की गई वेद व्यासपुरी कालोनी में विकास कार्यों के टेंडर निकाले जा चुके हैं। अब एमडीए से दस करोड़ रुपये और मिले हैं। सभी कालोनियों में विकास कार्य के बजट प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे। बरसात के कारण भी विकास कार्य रुके पड़े थे। जिनको अब शुरू कराया जाएगा। - यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम।
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- एमडीए की कालोनियों में ही नहीं बल्कि शहर के अन्य इलाकों में भी तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। काफी टेंडर निकाले जा चुके हैं, लेकिन बरसात के कारण काम शुरू नहीं हो पाए। मौसम ठीक होने के बाद ही इन कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी। ब्रजपाल सिंह, सहायक नगरायुक्त।
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मेरठ। नगर निगम को हस्तांतरित कालोनियों में विकास कार्यों के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण ने पहले 15 करोड़ रुपये दिए थे और अब फिर से 10 करोड़ रुपये और दिए हैं। निगम ने पहले मिली धनराशि से अब तक कोई विकास कार्य नहीं कराए हैं। ऐसे में अब मिली धनराशि के प्रयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसका खामियाजा कालोनियों के लोग भुगत रहे हैं।
दरअसल, मेरठ विकास प्राधिकरण ने महानगर में शताब्दीनगर, गंगानगर, रक्षापुरम, वेदव्यासपुरी, श्रद्धापुरी, सैनिक विहार, डिफेंस एंक्लेव, लोहियानगर सहित अन्य कालोनियों को विकसित किया। इनमें से आठ कालोनियों को हस्तानांतरित करने के लिए एमडीए और नगर निगम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कालोनियों का निरीक्षण किया था।
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कालोनियों में टूटी पड़ी नाली, सड़क आदि निर्माण के लिए नगर निगम ने एमडीए से 79.32 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसमें से एमडीए ने आठ कालोनी गंगानगर, रक्षापुरम, वेदव्यासपुरी, मेजर ध्यानचंद नगर, श्रद्धापुरी, सैनिक विहार, पांडव नगर, डिफेंस एंक्लेव को निगम को हैंडओवर कर दिया था। इसके साथ ही विकास कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये भी दिए थे, लेकिन आठ माह बीतने के बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं कराए गए हैं। इन कालोनियों के लोग अब भी विकास कार्य और सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
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कार्यकारिणी की बैठक में उठ चुका है मुद्दा
- एमडीए से धन मिलने के बाद भी विकास कार्य शुरू न कराए जाने का मामला नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में भी उठ चुका है। पार्षदों ने कालोनियों की जर्जर सड़क, नाली व नालों की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। पार्षदों ने अपनी कालोनियों में विकास कार्य के लिए प्रस्ताव भी दिए, लेकिन इन पर कुछ नहीं हो पाया।
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ये बोले अफसर...
- एमडीए से हस्तानांतरित की गई वेद व्यासपुरी कालोनी में विकास कार्यों के टेंडर निकाले जा चुके हैं। अब एमडीए से दस करोड़ रुपये और मिले हैं। सभी कालोनियों में विकास कार्य के बजट प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे। बरसात के कारण भी विकास कार्य रुके पड़े थे। जिनको अब शुरू कराया जाएगा। - यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम।
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- एमडीए की कालोनियों में ही नहीं बल्कि शहर के अन्य इलाकों में भी तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। काफी टेंडर निकाले जा चुके हैं, लेकिन बरसात के कारण काम शुरू नहीं हो पाए। मौसम ठीक होने के बाद ही इन कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी। ब्रजपाल सिंह, सहायक नगरायुक्त।
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