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फसलों के नुकसान का नहीं किया आकलन

Thu, 12 Mar 2020 01:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2020 01:45 AM IST
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Did not assess the loss of crops
फसलों के नुकसान का नहीं किया आकलन
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बहसूमा। दिन प्रतिदिन बदलते मौसम से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही हैं। पिछले दिनों हुई बारिश और ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदेश की योगी सरकार ने फरमान जारी कर फसलों के नुकसान के 72 घंटे के भीतर ही क्षति आंकलन कर समय से मुआवजा देने की बात कही थी।

राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारी मुआवजा देना तो दूर क्षति का आंकलन करने भी नहीं पहुंचे। इससे किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। किसानों का तर्क है कि कई बार बीमा कंपनी व विभाग को इसकी सूचना दी गई है, लेकिन इसकी किसी ने अभी सुध नही ली है। किसान सतबीर भाटी का कहना है कि बारिश से गेहूं गिरने व सरसों की पकी फसल से फल झड़ने से भारी नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है। अभी तक नुकसान का सर्वे करने के लिए न तो राजस्व विभाग से और न ही बीमा कंपनी से कोई आया। किसान अरविंद राठी का कहना है कि गेहूं की अगेती फसल बारिश से बर्बाद हो चुकी है। मुआवजे के लिए विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अभी तक गांव कोई नहीं पहुंचा। किसान काले खां का कहना है कि बारिश व ओला गिरने से सरसों की फसल खराब हो चुकी है। बीमा कंपनी को फोन किया गया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसान यशवीर सिंह का तर्क है कि लाही की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
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