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ध्रुव की कथा भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल
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मेरठ। टीपीनगर साबुन गोदाम स्थित माता के मंदिर में बुधवार को श्रीभागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास अवधेश महाराज ने बताया कि ध्रुव की कथा भक्ति और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। भगवान विष्णु का तीसरा अवतार वराह ने पृथ्वी को राक्षस हिरण्याक्ष के अत्याचारों से मुक्त किया।
कथा व्यास ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को समुद्र की गहराइयों में डुबो दिया था। भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर बचाया और हिरण्याक्ष का वध किया। पांच वर्षीय ध्रुव ने भगवान विष्णु की तपस्या की और उनकी कृपा से ध्रुव तारा के रूप में अमर हो गए। कपिल मुनि भी भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। कथा से पूर्व पूजा अर्चना की गई। मुख्य यजमान अमित मित्तल और नीतू मित्तल रहीं। व्यास पूजन भोपाल गुप्ता ने किया। कथा श्रवण करने वालों में दीपक गर्ग, राम गोपाल, रविंद्र, गुलजारी लाल, सुनील अग्रवाल, अनिल रहे।
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कथा व्यास ने कहा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को समुद्र की गहराइयों में डुबो दिया था। भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर बचाया और हिरण्याक्ष का वध किया। पांच वर्षीय ध्रुव ने भगवान विष्णु की तपस्या की और उनकी कृपा से ध्रुव तारा के रूप में अमर हो गए। कपिल मुनि भी भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। कथा से पूर्व पूजा अर्चना की गई। मुख्य यजमान अमित मित्तल और नीतू मित्तल रहीं। व्यास पूजन भोपाल गुप्ता ने किया। कथा श्रवण करने वालों में दीपक गर्ग, राम गोपाल, रविंद्र, गुलजारी लाल, सुनील अग्रवाल, अनिल रहे।
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