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Meerut News: संसार में भगवान की भक्ति ही सबसे सस्ती
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। तीर्थ क्षेत्र के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी पंचमेरु नंदीश्वरद्वीप जिनालय में फाल्गुन अष्टान्हिका महा पर्व के अवसर पर श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन पंडित आशीष जैन शास्त्री विधानाचार्य के कुशल निर्देशन में पूर्ण भाव भक्ति के साथ संपन्न हुआ। विधान के अंतिम दिन भक्तों ने जाप अनुष्ठान किया तथा भगवान शांतिनाथ के अभिषेक के साथ-साथ आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य अमित जैन को प्राप्त हुआ।
आचार्य विमर्श सागर महाराज ने कहा कि यह विधान सर्वाधिक श्रद्धात्मक विधान है। इस विधान में शब्द ब्रह्म की आराधना की गई है जिसमें प्रथम शब्द ही अर्हम कहा गया है। जिसमें आ से लेकर ह तक के शब्द ब्रह्म की आराधना की गई है। प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ने सर्वप्रथम अपनी पुत्रियों ब्राह्मी और सुंदरी को अंककला एवं अक्षर कला का ज्ञान दिया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जिवेंद्र जैन उपाध्यक्ष, अभय कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, राजीव जैन, अनिल जैन, अतुल जैन, महाप्रबंधक मुकेश जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, शुभम जैन, कुश जैन आदि ने सहयोग किया।
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हस्तिनापुर। तीर्थ क्षेत्र के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी पंचमेरु नंदीश्वरद्वीप जिनालय में फाल्गुन अष्टान्हिका महा पर्व के अवसर पर श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन पंडित आशीष जैन शास्त्री विधानाचार्य के कुशल निर्देशन में पूर्ण भाव भक्ति के साथ संपन्न हुआ। विधान के अंतिम दिन भक्तों ने जाप अनुष्ठान किया तथा भगवान शांतिनाथ के अभिषेक के साथ-साथ आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य अमित जैन को प्राप्त हुआ।
आचार्य विमर्श सागर महाराज ने कहा कि यह विधान सर्वाधिक श्रद्धात्मक विधान है। इस विधान में शब्द ब्रह्म की आराधना की गई है जिसमें प्रथम शब्द ही अर्हम कहा गया है। जिसमें आ से लेकर ह तक के शब्द ब्रह्म की आराधना की गई है। प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ने सर्वप्रथम अपनी पुत्रियों ब्राह्मी और सुंदरी को अंककला एवं अक्षर कला का ज्ञान दिया।
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इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जिवेंद्र जैन उपाध्यक्ष, अभय कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, राजीव जैन, अनिल जैन, अतुल जैन, महाप्रबंधक मुकेश जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, शुभम जैन, कुश जैन आदि ने सहयोग किया।

प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
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