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Meerut News: भगवान की भक्ति से मिलती है मन और विचारों की शुद्धि
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प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के नौवें दिन श्रद्धालुओं ने मुख्य मंदिर में भगवान का अभिषेक किया। श्रद्धालु त्रिमूर्ति जिनालय पहुंचे, जहां प्राचीन अतिशयकारी जिन प्रतिमा के समक्ष विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुईं। मंगलाष्टक, दिग्बंधन, पात्र शुद्धि और स्थल शुद्धि के बाद पांडुकशिला पर भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा विराजमान की गई।
शांतिधारा का सौभाग्य अनंतवीर जैन, मंजू जैन, शैलेष जैन, चारु जैन, दीपक जैन, मनीषा जैन को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने बाहर से आए श्रद्धालुओं का मंगल तिलक और माल्यार्पण कर स्वागत किया।
मुनि भाव भूषण ने प्रवचन में कहा कि भगवान के पवित्र नाम का स्मरण प्रचंड अग्नि को भी शांत करने की शक्ति रखता है। यदि मन, तन और विचार शुद्ध हों तथा मन में केवल भगवान की भक्ति हो तो ईश्वर मोक्ष और स्वर्ग के द्वार खोल देते हैं। विधान के दौरान 125 परिवारों ने अर्घ्य और श्रीफल अर्पित किए। युवा विद्वान पंडित आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री विधान संपन्न करा रहे हैं। सायंकालीन बेला में आरती के बाद धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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कार्यक्रम में तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, राजेंद्र कुमार जैन, प्रवीण कुमार जैन, वीरेंद्र जैन, रोहित जैन, अनिल कुमार जैन, संजय जैन समेत अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। कस्बे के प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के नौवें दिन श्रद्धालुओं ने मुख्य मंदिर में भगवान का अभिषेक किया। श्रद्धालु त्रिमूर्ति जिनालय पहुंचे, जहां प्राचीन अतिशयकारी जिन प्रतिमा के समक्ष विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुईं। मंगलाष्टक, दिग्बंधन, पात्र शुद्धि और स्थल शुद्धि के बाद पांडुकशिला पर भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा विराजमान की गई।
शांतिधारा का सौभाग्य अनंतवीर जैन, मंजू जैन, शैलेष जैन, चारु जैन, दीपक जैन, मनीषा जैन को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र कमेटी ने बाहर से आए श्रद्धालुओं का मंगल तिलक और माल्यार्पण कर स्वागत किया।
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मुनि भाव भूषण ने प्रवचन में कहा कि भगवान के पवित्र नाम का स्मरण प्रचंड अग्नि को भी शांत करने की शक्ति रखता है। यदि मन, तन और विचार शुद्ध हों तथा मन में केवल भगवान की भक्ति हो तो ईश्वर मोक्ष और स्वर्ग के द्वार खोल देते हैं। विधान के दौरान 125 परिवारों ने अर्घ्य और श्रीफल अर्पित किए। युवा विद्वान पंडित आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री विधान संपन्न करा रहे हैं। सायंकालीन बेला में आरती के बाद धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
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कार्यक्रम में तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, राजेंद्र कुमार जैन, प्रवीण कुमार जैन, वीरेंद्र जैन, रोहित जैन, अनिल कुमार जैन, संजय जैन समेत अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।