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स्नान के लिए द्रौपदी घाट पर पहुंचने लगे श्रद्धालु
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द्रौपदी घाट पर पूजा करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी में मौजूद प्राचीन द्रौपदी घाट मंदिर पर वैशाख माह की सप्तमी को लगने वाले सत्ता फेरी मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार को विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं में द्रौपदी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई।
प्रतिवर्ष वैशाख माह की सप्तमी को द्रौपदी घाट पर लगने वाले सत्ता फेरी में रविवार सुबह को मुख्य स्नान होगा। जिसके लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, गाजियाबाद आदि स्थानों से शनिवार शाम को श्रद्धालु ऐतिहासिक नगरी में पहुंचे। द्रौपदी घाट मंदिर की महंत माता बैगवती ने बताया कि वैशाख माह की सप्तमी को किस प्राचीन स्रोत में स्नान करने का विशेष महत्व है जिसके चलते यहां देश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु आते हैं। नगर पंचायत चेयरपर्सन सुधा खटीक ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई कराई। नगर पंचायत और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से मंदिर पर करीब दो करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि मेले से एक दिन पूर्व ही श्रद्धालुओं का मंदिर पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पर आकर माता की पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों से पहले ही मांग की गई थी और भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
प्राकृतिक है स्नान करने का स्रोत
मंदिर की महंत माता बेगवती ने बताया कि मंदिर पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए प्राकृतिक स्रोत मौजूद हैं। जहां पर स्वयं ही धरती से पानी निकलता है। उन्होंने बताया कि घाट पर कभी भी पानी को भरा नहीं जाता यहां पर पूरी तरह स्वच्छ जल प्राकृतिक है मान्यता है कि इस जल में स्नान करने से श्रद्धालुओं के सभी कुष्ठ रोग दूर हो जाते हैं जिसके चलते यहां भारी संख्या में महिला श्रद्धालु पहुंचती हैं।
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प्रतिवर्ष वैशाख माह की सप्तमी को द्रौपदी घाट पर लगने वाले सत्ता फेरी में रविवार सुबह को मुख्य स्नान होगा। जिसके लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, गाजियाबाद आदि स्थानों से शनिवार शाम को श्रद्धालु ऐतिहासिक नगरी में पहुंचे। द्रौपदी घाट मंदिर की महंत माता बैगवती ने बताया कि वैशाख माह की सप्तमी को किस प्राचीन स्रोत में स्नान करने का विशेष महत्व है जिसके चलते यहां देश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु आते हैं। नगर पंचायत चेयरपर्सन सुधा खटीक ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई कराई। नगर पंचायत और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से मंदिर पर करीब दो करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि मेले से एक दिन पूर्व ही श्रद्धालुओं का मंदिर पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर पर आकर माता की पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों से पहले ही मांग की गई थी और भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
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प्राकृतिक है स्नान करने का स्रोत
मंदिर की महंत माता बेगवती ने बताया कि मंदिर पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए प्राकृतिक स्रोत मौजूद हैं। जहां पर स्वयं ही धरती से पानी निकलता है। उन्होंने बताया कि घाट पर कभी भी पानी को भरा नहीं जाता यहां पर पूरी तरह स्वच्छ जल प्राकृतिक है मान्यता है कि इस जल में स्नान करने से श्रद्धालुओं के सभी कुष्ठ रोग दूर हो जाते हैं जिसके चलते यहां भारी संख्या में महिला श्रद्धालु पहुंचती हैं।
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