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बाज नहीं आ रहे मिलावटखोर : दूध से मलाई कर गए चट, डिटर्जेंट की भी मिलावट, 56 नमूने फेल

Thu, 02 Jun 2022 02:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 02 Jun 2022 02:55 PM IST
सार

गर्मी में दूध की मांग पूरी करने के लिए दूध में पानी व डिटर्जेंट की मिलावट बढ़ जाती है। यह सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। इससे किडनी, लिवर और हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं। इसके बावजूद मेरठ जैसे बड़े शहरों में मिलावटखोर दूध को ज़हर बनाने पर तुले हुए हैं।

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Detergent mixed in milk, more than fifty samples failed out of 144 in Meerut
लैब में दूूध की जांच - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 दूध शरीर के लिए अमृत के समान होता है, लेकिन मिलावटखोर इसे 'विष' बनाने पर तुले हैं। जिले में दूध का हर तीसरा सैंपल फेल हो रहा है। 

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 अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच दूध के 207 सैंपल लिए गए। इनमें 144 की रिपोर्ट आई है और 56 सैंपल फेल हो गए हैं। 16 में डिटर्जेंट जैसे हानिकारक पदार्थों की मिलावट निकली, जबकि 40 मानक पर खरे नहीं निकले। यानी इनमें से दूध की मलाई या चिकनाहट गायब थी। 
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की सहायक आयुक्त अर्चना धीरान का कहना है कि खासकर गर्मी में दूध की आपूर्ति घट जाती है तो मांग पूरी करने के लिए दूध में पानी व डिटर्जेंट की मिलावट बढ़ जाती है। एफएसडीए उन्हीं दूध के नमूने भरता है जिनमें मिलावट का शक होता है।
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दूध के जो सैंपल फेल होते हैं, वह मामले एडीएम सिटी की कोर्ट में चलते हैं। समय-समय पर दूध के सैंपल लिए जाते हैं। लोगों को दूध का महत्व बताने और जागरूक करने के लिए हर साल एक जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ वीके बिंद्रा ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ हों या फिर दूध आदि, यह सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। इससे किडनी, लिवर और हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं।

दूध की गुणवत्ता के मानक 

  • क्रीम, (मलाई) जो केवल दूध से न बनी हो और उसमें दुग्ध स्नेह (मिल्क फैट) 40 प्रतिशत से कम न हो।
  • दूध, जिसमें पानी मिलाया गया हो।
  • दूध से निकले घी से भिन्न कोई पदार्थ हो।
  • मथित दूध (मक्खन रहित दूध) शुुद्ध के नाम से बेचा जाए।
  • कृत्रिम मिष्टकर (स्वीटनिंग एजेंट) युक्त पदार्थ मिला हो।

घर पर ऐसे करें दूध की जांच

1) पानी की मिलावट

दूध की एक बूंद को चिकनी या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।

2) दूध में स्टार्च की मिलावट
टिंक्चर आयोडीन की कुछ बूंदे मिलाने पर स्टार्च युक्त दूध में नीला रंग आ जाता है। टिंक्चर आयोडीन दवा दुकान से आसानी से मिल जाती है।

3) दूध में यूरिया की मिलावट
दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाकर हिलाएं और 5 मिनट के लिए रख दें। इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग लाल से नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट मानी जाती है। लाल लिटमस पेपर स्टेशनरी की दुकान से मिल जाता है।

4)  दूध में वनस्पति
तीन से पांच मिली दूध एक परखनली में लेकर उसमें दस बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं एक चम्मच चीनी मिलाने पर पांच मिनट बाद लाल रंग दिखाई देने लगे तो इसका अर्थ है कि दूध में वनस्पति की मिलावट है।

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