{"_id":"5a2017ba4f1c1b8e698beffb","slug":"deobandi-ulma-in-padmavati-controversy-good-man-was-alauddin-khilji","type":"story","status":"publish","title_hn":"पद्मावती विवाद में कूदे देवबंदी उलमा, नेकदिल इंसान था अलाउद्दीन खिलजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पद्मावती विवाद में कूदे देवबंदी उलमा, नेकदिल इंसान था अलाउद्दीन खिलजी
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Fri, 01 Dec 2017 08:46 AM IST
विज्ञापन
दारुल उलूम देवबंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद। फिल्म पद्मावती को लेकर क्षत्रियों के विरोध के बाद अब सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी पर नया विवाद खड़ा हो गया है और देवबंद से पद्मावती फिल्म पर विरोध के स्वर बुलंद हुए हैं। यहां देवबंदी उलमा ने फिल्म पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी के किरदार को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह जालिम या दिल फेंक आशिक नहीं बल्कि जिम्मेदार और एक नेकदिल इंसान था। इसलिए मुसलमानों को इस फिल्म का विरोध करना चाहिए।
विज्ञापन
पढ़ें : हुमायूं का मकबरा तुड़वाने की मांग पर देवबंदी उलमा का करारा जवाब
विज्ञापन
अरबी के विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने बृहस्पतिवार को ने फिल्म पद्मावती में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के किरदार को लेकर कहा कि यह कहानी एक ऐसे किरदार पर बनाई गई है जिसका कोई वजूद था ही नहीं। तारीख में पद्मावती नाम से किसी शख्सियत का वजूद नहीं मिलता और न यह वाक्यात साबित होते हैं कि सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौडगढ़ पर सिर्फ इसलिए हमला किया था कि वह पद्मावती को हासिल करना चाहता था। यकीनन उसने हमला किया और चित्तौड़गढ़ को उसने अपनी हुकूमत में शामिल किया, लेकिन उसकी वजह किसी औरत का हुस्नो जमाल नहीं था। बल्कि यह जिस तरह से बादशाह करते हैं उस तरह का तारीखी वाक्या है। जहां तक सुल्तान खिलजी की बात है खिलजी को इस फिल्म में एक जालिम और दिल फेंक आशिक की सूरत में दिखाया गया है। जबकि वह ऐसा नहीं था। बल्कि वह एक इंतहाई जिम्मेदार, नेकदिल बादशाह था और उसने मुल्क की तरक्की के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि फिल्म पद्मावती में हमारे मुल्क के एक बादशाह को जो इत्तेफाक से मुसलमान था उसको बदनाम करने की कोशिश की गई है। मौलाना वाजदी ने कहा कि पद्मावती का जो किरदार है यह सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के इंतकाल के ढाई सौ साल बाद शायर मलिक मोहम्मद जायसी ने गढ़ा है और इसको एक दास्तान बनाकर पेश किया। जिसकी बुनियाद पर यह फिल्म बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राजपूत बिरादरी इसका विरोध क्यों कर रही है। यह समझ से परे है, जबकि इसका विरोध मुसलमानों को करना चाहिए। क्योंकि इसमें सुल्तान खिलजी को गलत रूप में दिखाया गया है। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस उलमा के महासचिव मौलाना कारी रहीमुद्दीन कासमी ने भी फिल्म पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी के किरदार को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की निंदा करते हुए कहा कि मुसलमानों को इसका विरोध करना चाहिए।
विज्ञापन
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/