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Meerut News: ब्याज समेत गन्ने का बकाया भुगतान कराने की मांग
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किसान एकता संघर्ष संगठन के कार्यकर्ता समिति में ज्ञापन देने से पहले कुछ देर के लिए धरना देते हु
- किसान एकता संघर्ष संगठन के कार्यकर्ताओं ने गन्ना समिति सचिव का किया घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। किसान एकता संघर्ष संगठन के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर गन्ना समिति सचिव विक्रम बहादुर सिंह का घेराव किया। गन्ना समिति सचिव द्वारा आश्वासन देने पर किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया और शांतिपूर्ण ढंग से अपने घरों को लौट गए।
संगठन के अध्यक्ष शौकीन गुर्जर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि गन्ना किसानों के पिछले 30 वर्षों (1996-97 से 2025-26 तक) के बकाया गन्ना मूल्य और उस पर देय 15 प्रतिशत ब्याज का ब्योरा एकत्र कर जल्द भुगतान कराया जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा 16 जुलाई 2006 को चीनी मिलों द्वारा विलंबित भुगतान पर 15 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश पारित किया गया था।
किसानों का कहना है कि आपूर्ति व भुगतान से संबंधित आवश्यक अभिलेख समिति के पास उपलब्ध हैं, इसलिए प्रबंध कमेटी एक सप्ताह के भीतर पेराई सत्रवार विलंबित भुगतान व ब्याज का विवरण संकलित करे। इसके अलावा बढ़ती महंगाई को देखते हुए गन्ने का निर्धारित मूल्य 10 रुपये प्रति किलो करने की भी मांग की गई। सचिव का घेराव करने और ज्ञापन देने वालों में अनेश कुमार, कृष्णपाल, संजय सिंह, इंद्रजीत समेत कई किसान मौजूद रहे।
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मवाना। किसान एकता संघर्ष संगठन के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर गन्ना समिति सचिव विक्रम बहादुर सिंह का घेराव किया। गन्ना समिति सचिव द्वारा आश्वासन देने पर किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया और शांतिपूर्ण ढंग से अपने घरों को लौट गए।
संगठन के अध्यक्ष शौकीन गुर्जर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि गन्ना किसानों के पिछले 30 वर्षों (1996-97 से 2025-26 तक) के बकाया गन्ना मूल्य और उस पर देय 15 प्रतिशत ब्याज का ब्योरा एकत्र कर जल्द भुगतान कराया जाए। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा 16 जुलाई 2006 को चीनी मिलों द्वारा विलंबित भुगतान पर 15 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश पारित किया गया था।
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किसानों का कहना है कि आपूर्ति व भुगतान से संबंधित आवश्यक अभिलेख समिति के पास उपलब्ध हैं, इसलिए प्रबंध कमेटी एक सप्ताह के भीतर पेराई सत्रवार विलंबित भुगतान व ब्याज का विवरण संकलित करे। इसके अलावा बढ़ती महंगाई को देखते हुए गन्ने का निर्धारित मूल्य 10 रुपये प्रति किलो करने की भी मांग की गई। सचिव का घेराव करने और ज्ञापन देने वालों में अनेश कुमार, कृष्णपाल, संजय सिंह, इंद्रजीत समेत कई किसान मौजूद रहे।
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