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Meerut News: क्रांति नायक बाबा नरपत सिंह का स्मारक बनाने की मांग
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सरधना। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिनायक बाबा नरपत सिंह की स्मृति को संरक्षित करन
- फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने तहसील परिसर में किया धरना-प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिनायक बाबा नरपत सिंह की स्मृति को संरक्षित करने की मांग के लिए सोमवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बाबा अमर शहीद नरपत सिंह फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि बाबा नरपत सिंह ने 1857 की क्रांति में सरधना क्षेत्र के किसानों और युवाओं का नेतृत्व करते हुए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था, लेकिन आज तक उनके योगदान को उचित सम्मान नहीं मिला। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए मेरठ में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के किसी प्रमुख ब्लॉक या संकाय का नाम बाबा नरपत सिंह के नाम पर रखा जाए, ताकि युवा पीढ़ी उनके बलिदान से प्रेरणा ले सके।
साथ ही सरधना क्षेत्र में उनके नाम पर भव्य स्मारक द्वार बनाने की भी मांग की। मांग की गई कि बाबा नरपत सिंह के जीवन और संघर्ष को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, सरधना में उनके नाम पर महिला महाविद्यालय स्थापित किया जाए। अध्यक्षता ठाकुर विक्रम सिंह और संचालन मेजर हिमांशु और अजय सोम ने किया। इस मौके पर डॉ. अमित पाठक, दीपमाला, पिंकी सोम, शीतल, गिरवर सिंह, गजेंद्र सिंह, चंद्रपाल, सुरेश सोम, गौरवनंद महाराज, सुनील प्रधान समेत ग्रामीण मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिनायक बाबा नरपत सिंह की स्मृति को संरक्षित करने की मांग के लिए सोमवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बाबा अमर शहीद नरपत सिंह फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि बाबा नरपत सिंह ने 1857 की क्रांति में सरधना क्षेत्र के किसानों और युवाओं का नेतृत्व करते हुए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया था, लेकिन आज तक उनके योगदान को उचित सम्मान नहीं मिला। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए मेरठ में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के किसी प्रमुख ब्लॉक या संकाय का नाम बाबा नरपत सिंह के नाम पर रखा जाए, ताकि युवा पीढ़ी उनके बलिदान से प्रेरणा ले सके।
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साथ ही सरधना क्षेत्र में उनके नाम पर भव्य स्मारक द्वार बनाने की भी मांग की। मांग की गई कि बाबा नरपत सिंह के जीवन और संघर्ष को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, सरधना में उनके नाम पर महिला महाविद्यालय स्थापित किया जाए। अध्यक्षता ठाकुर विक्रम सिंह और संचालन मेजर हिमांशु और अजय सोम ने किया। इस मौके पर डॉ. अमित पाठक, दीपमाला, पिंकी सोम, शीतल, गिरवर सिंह, गजेंद्र सिंह, चंद्रपाल, सुरेश सोम, गौरवनंद महाराज, सुनील प्रधान समेत ग्रामीण मौजूद रहे।
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