दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: 950 श्रमिक दो शिफ्ट में दिन-रात करेंगे काम, लक्ष्य तय होने के बाद हरकत में आईं एनएचएआई-जीआर इंफ्रा
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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हर हाल में दिसंबर-2020 तक दिल्ली से लेकर परतापुर तक एक्सप्रेस-वे को शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मे लक्ष्य को तय करने के बाद एनएचएआई और जीआर इंफ्रा लिमिटेड हरकत में आ गए हैं। इसके लिए कंपनी 950 श्रमिकों से दो शिफ्टों में दिन-रात कार्य कराएगी।
31 किमी के डासना से मेरठ तक के चौथे चरण में अब अंडरपास के स्ट्रक्चर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के ऊपर का हिस्सा और परतापुर इंटरचेंज का कार्य किया जाना है।
जीआर इंफ्रा से जुड़े इंजीनियरों का कहना है कि अब सबसे पहले प्राथमिकता में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का हिस्सा और अंडरपास के स्ट्रक्चर तैयार करना है। हालांकि, कुछ स्थानों पर अंडरपास के स्ट्रक्चर का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब कार्य की रफ्तार बढ़ाई जा रही है।
जरुरत पड़ी तो आएंगी अतिरिक्त मशीनें
एनएचएआई की तरफ से कंपनी जीआर इंफ्रा को अतिरिक्त मशीनें लाकर कार्य की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, कंपनी इंजीनियरों का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त मशीनें उपलब्ध हैं। अगर जरूरत पड़ी तो मशीनों को लाया जाएगा।
परतापुर इंटरचेेंज पर जल्द खुलेगा अंडरपास
वहीं, दिल्ली से मेरठ की ओर आने वाले वाहनों को राहत देने के लिए अंडरपास को जल्द खोल दिया जाएगा। बारिश की वजह से इसमें देरी हो गई। अब इस पर ब्रेकर बनाने के बाद इसे खोलने की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में शुरू कर दी जाएगी। जिससे दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को चार किलोमीटर आगे न जाकर मेरठ की ओर अंडरपास में ही गुजार दिया जाएगा।
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