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मेरठ में हो रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना : डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी
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मेरठ। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ में नई रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना की मांग की है। उन्होंने छावनी परिषदों को वित्त आयोग की राशि में हिस्सेदारी देने की भी बात उठाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
वाजपेयी ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की थी। उन्होंने मेरठ के ऐतिहासिक महत्व और सामरिक उपयोगिता पर जोर दिया। मुरादनगर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री अब शिथिल स्थिति में है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। नई इकाइयों से स्थानीय उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लाभकारी होगी। सांसद ने मेरठ छावनी क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति लागू करने की भी मांग की। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह नीति स्वीकार की है।
टीओडी नीति का क्रियान्वयन
टीओडी नीति मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास नियोजित विकास को बढ़ावा देती है। इसमें वाणिज्यिक उपयोग में 30 फीसदी और आवासीय उपयोग में 70 फीसदी अतिरिक्त अनुमन्यता मिलती है। रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले छावनी क्षेत्र में इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सांसद ने इसे लागू करने की मांग की है।
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छावनी परिषदों को हिस्सेदारी
सांसद ने छावनी परिषदों को वित्त आयोग की राशि में हिस्सेदारी देने की मांग की। उन्होंने बताया कि छावनी क्षेत्रों के नागरिक भी जीएसटी और आयकर का भुगतान करते हैं। देश में कुल 62 छावनी परिषद हैं। मेरठ में प्रतिवर्ष लगभग 3147 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में एकत्र होता है। सांसद ने इन परिषदों का हिस्सा सीधे केंद्र से आवंटित करने का आग्रह किया।
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वाजपेयी ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की थी। उन्होंने मेरठ के ऐतिहासिक महत्व और सामरिक उपयोगिता पर जोर दिया। मुरादनगर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री अब शिथिल स्थिति में है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। नई इकाइयों से स्थानीय उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लाभकारी होगी। सांसद ने मेरठ छावनी क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति लागू करने की भी मांग की। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह नीति स्वीकार की है।
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टीओडी नीति का क्रियान्वयन
टीओडी नीति मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास नियोजित विकास को बढ़ावा देती है। इसमें वाणिज्यिक उपयोग में 30 फीसदी और आवासीय उपयोग में 70 फीसदी अतिरिक्त अनुमन्यता मिलती है। रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले छावनी क्षेत्र में इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सांसद ने इसे लागू करने की मांग की है।
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छावनी परिषदों को हिस्सेदारी
सांसद ने छावनी परिषदों को वित्त आयोग की राशि में हिस्सेदारी देने की मांग की। उन्होंने बताया कि छावनी क्षेत्रों के नागरिक भी जीएसटी और आयकर का भुगतान करते हैं। देश में कुल 62 छावनी परिषद हैं। मेरठ में प्रतिवर्ष लगभग 3147 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में एकत्र होता है। सांसद ने इन परिषदों का हिस्सा सीधे केंद्र से आवंटित करने का आग्रह किया।