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गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुरू हुए जमीन के बैनामे
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गंगा एक्सप्रेसवे : शुरू हो गए जमीन के बैनामे
मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक 596 किमी के एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को पहली बार छह बैनामे किए गए। निबंधन विभाग मेें किसानोें को फूल-मालाओं से स्वागत कर लड्डू खिलाया गया।
बैनामों की शुरुआत के पहले दिन गंगा एक्सप्रेसवे के नोडल अधिकारी और एडीएम प्रशासन मदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट एसके सिंह मौजूद रहे। पहली बार धनोटा और अतराड़ा गांव के छह बैनामे किए गए हैं। जिले में नौ गांवों की जमीन का भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसमें धनोटा, भगवानपुर, बिजौली, गोविंदपुरी, खडखडी, बधोली, अतराडा, अटौला, लोटी गांव शामिल हैं।
बैनामों के लिए क्षेत्र के लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। किसानों को सूचना देकर उन्हें कलक्ट्रेट स्थित निबंधन विभाग में बुलाया जा रहा है। सभी कागजात लाने के बाद ही पूरी प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने मेरठ पहुंचकर बचत भवन में जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। अधिग्रहण की जाने वाली जमीन का प्रोफार्मा भी चेक किया गया था। हाल ही में प्रदेश सरकार ने बजट में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खासतौर पर भूमि अधिग्रहण के लिए 7200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। इससे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आएगी। जून तक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को खत्म किया जाना है। इसके बाद जुलाई-2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे।
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मेरठ। मेरठ से प्रयागराज तक 596 किमी के एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को पहली बार छह बैनामे किए गए। निबंधन विभाग मेें किसानोें को फूल-मालाओं से स्वागत कर लड्डू खिलाया गया।
बैनामों की शुरुआत के पहले दिन गंगा एक्सप्रेसवे के नोडल अधिकारी और एडीएम प्रशासन मदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट एसके सिंह मौजूद रहे। पहली बार धनोटा और अतराड़ा गांव के छह बैनामे किए गए हैं। जिले में नौ गांवों की जमीन का भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसमें धनोटा, भगवानपुर, बिजौली, गोविंदपुरी, खडखडी, बधोली, अतराडा, अटौला, लोटी गांव शामिल हैं।
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बैनामों के लिए क्षेत्र के लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। किसानों को सूचना देकर उन्हें कलक्ट्रेट स्थित निबंधन विभाग में बुलाया जा रहा है। सभी कागजात लाने के बाद ही पूरी प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने मेरठ पहुंचकर बचत भवन में जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। अधिग्रहण की जाने वाली जमीन का प्रोफार्मा भी चेक किया गया था। हाल ही में प्रदेश सरकार ने बजट में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खासतौर पर भूमि अधिग्रहण के लिए 7200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। इससे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आएगी। जून तक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को खत्म किया जाना है। इसके बाद जुलाई-2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे।
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