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Meerut News: राली चौहान मार्ग पर 500 मीटर तक थी मौत की हाईटेंशन लाइन
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मेरठ। राली चौहान मार्ग पर करीब 500 मीटर तक मौत की हाईटेंशन लाइन बिछी हुई है। हादसे के बाद ग्राम प्रधान सहित कई लोगों ने जेई मनोज कुमार और एसएसओ विनोद कुमार को फोन किया। फोन करने के पांच मिनट बाद विद्युत लाइन कट हुई।
किला परीक्षितगढ़ मार्ग से राली चौहान गांव की दूरी करीब एक किलोमीटर है। जिसमें करीब 500 मीटर दूरी में हाईटेंशन की लाइन सड़क के ऊपर तीन बार इधर से उधर हुई है। मानक के हिसाब से हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई भी कम नापी गई है। जांच में सामने आया कि हादसा होते ही गांव के एक युवक ने रैसना फीडर के जेई मनोज कुमार को फोन किया। जेई ने इसकी सूचना फीडर पर एसएसओ विनोद कुमार को बताई। ग्रामीणों का दावा है कि सूचना के करीब 5 मिनट बाद बिजली का कट हुआ है। इसकी जानकारी के लिए जांच टीम ने जेई और एसएसओ के मोबाइल की सीडीआर निकालवाई। हादसे के दौरान जेई और एसएसओ की किस-किस से बात हुई, इसकी जानकारी टीम ने जुटा ली है। जेई और एसएसओ पर कार्रवाई भी हो सकती है। चार सदस्य टीम में शामिल एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह का कहना है कि जेई और एसएसओ के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। हादसे में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।
कोई गलती नहीं, तुरंत कट कराई बिजली: जेई
इस संबंध में जेई मनोज कुमार का कहना है कि करीब 8:08 बजे उनके सीयूजी नंबर पर गांव के एक युवक की कॉल आई थी। मैंने तुरंत कॉल को होल्ड पर रखकर अपने प्रावेट नंबर से एसएसओ विनोद कुमार को कॉल की। विनोद ने बताया कि पांच मिनट पहले ही बिजली कट कर दी थी। राली चौहान के ग्राम प्रधान का भी एसएसओ के पास फोन आया था। हादसे के बाद गांव के कई लोगों की कॉल आई है। मोबाइल की सीडीआर निकालने पर सच सामने आ जाएगा। राली चौहान मार्ग पर हाईटेंशन लाइन मेरी पोस्टिंग से पहले ही लगी हुई है। मैं एक साल से रैसना फीडर पर पोस्ट हूं।
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किला परीक्षितगढ़ मार्ग से राली चौहान गांव की दूरी करीब एक किलोमीटर है। जिसमें करीब 500 मीटर दूरी में हाईटेंशन की लाइन सड़क के ऊपर तीन बार इधर से उधर हुई है। मानक के हिसाब से हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई भी कम नापी गई है। जांच में सामने आया कि हादसा होते ही गांव के एक युवक ने रैसना फीडर के जेई मनोज कुमार को फोन किया। जेई ने इसकी सूचना फीडर पर एसएसओ विनोद कुमार को बताई। ग्रामीणों का दावा है कि सूचना के करीब 5 मिनट बाद बिजली का कट हुआ है। इसकी जानकारी के लिए जांच टीम ने जेई और एसएसओ के मोबाइल की सीडीआर निकालवाई। हादसे के दौरान जेई और एसएसओ की किस-किस से बात हुई, इसकी जानकारी टीम ने जुटा ली है। जेई और एसएसओ पर कार्रवाई भी हो सकती है। चार सदस्य टीम में शामिल एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह का कहना है कि जेई और एसएसओ के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। हादसे में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।
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कोई गलती नहीं, तुरंत कट कराई बिजली: जेई
इस संबंध में जेई मनोज कुमार का कहना है कि करीब 8:08 बजे उनके सीयूजी नंबर पर गांव के एक युवक की कॉल आई थी। मैंने तुरंत कॉल को होल्ड पर रखकर अपने प्रावेट नंबर से एसएसओ विनोद कुमार को कॉल की। विनोद ने बताया कि पांच मिनट पहले ही बिजली कट कर दी थी। राली चौहान के ग्राम प्रधान का भी एसएसओ के पास फोन आया था। हादसे के बाद गांव के कई लोगों की कॉल आई है। मोबाइल की सीडीआर निकालने पर सच सामने आ जाएगा। राली चौहान मार्ग पर हाईटेंशन लाइन मेरी पोस्टिंग से पहले ही लगी हुई है। मैं एक साल से रैसना फीडर पर पोस्ट हूं।
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