डीन हमले में एक और खुलासा: शूटर नदीम से मिली पिस्टल, बोला- नौ गोलियां मारकर मुझे लगा वो मर गए, फिर अगले दिन पढ़ा अखबार
थाना प्रभारी नरेंद्र शर्मा का कहना है कि शूटर नदीम की निशानदेही पर पिस्टल बरामद कर ली गई है। पिस्टल जांच के लिए भेजी जाएगी। वहीं, पुलिस आरती भटेले की तलाश में भी लगी हुई है। कोर्ट से आरती भटेले की गिरफ्तारी को लेकर गैर जमानती वारंट मिल चुके हैं। साथ ही पुलिस आरती की संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है।
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30 दिन बाद पुलिस ने आखिरकार डीन पर हमला करने वाले शूटर को रिमांड पर लेकर पिस्टल बरामद कर ली है। रविवार को पुलिस शूटर नदीम को कोर्ट के आदेश पर रिमांड पर लेकर आई थी। आठ घंटे तक नदीम दौराला पुलिस की रिमांड पर रहा। पुलिस ने शूटर से हमले को लेकर कई बिंदुओं पर पूछताछ की और जानकारी हासिल की।
11 मार्च को वेटनरी कॉलेज से अपनी कार में सवार होकर कंकरखेड़ा स्थित आवास पर जा रहे डीन वेटनरी डॉ. राजबीर सिंह पर बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में डीन को नौ गोलियां लगी थीं। पुलिस इस मामले में पहले ही तीन लोगों को पकड़कर जेल भेज चुकी है। जबकि, शामली से एके-47 व भारी संख्या में कारतूस के साथ पकड़ा गया शूटर भी इस घटना से जुड़ा पाया गया। शूटर नदीम व आरती भटेले फरार थे। नदीम ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
रविवार को पुलिस कोर्ट के आदेश पर शूटर नदीम को आठ घंटे की रिमांड पर लेकर दौराला थाने पहुंची। रिमांड पर लाने के चंद मिनटों में ही शूटर ने पुलिस को घटना में प्रयुक्त पिस्टल के बारे में जानकारी दे दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पबरसा के जंगल से पिस्टल बरामद कर लिया। पुलिस ने नदीम से घटना को लेकर पूछताछ की। पुलिस ने आरती भटेले को लेकर भी नदीम से पूछा।
रिमांड पर लिए गए शूटर नदीम ने पुलिस को बताया कि आरती भटेले से डीन डॉ. राजबीर सिंह की हत्या को लेकर पांच लाख रुपये में सौदा हुआ था। प्रधान मुनेंद्र बाना ने चार लाख रुपए दिलवाए। रेकी के बाद उन्होंने 11 मार्च को घटना को अंजाम दिया। नौ गोलियां मारने के बाद उन्हें लगा की डीन मर चुका है। जिस पर वह भाग निकले। अगले दिन अखबार से जानकारी मिली कि डीन बच गया। जिस पर वह छिप गया। पुलिस की लगातार दबिश देने पर उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। नदीम पर विभिन्न मामलों में 16 मुकदमें दर्ज हैं।
हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस मुख्य साजिशकर्ता प्रो. आरती भटेले को ढूंढ नहीं सकी है। पुलिस मेरठ से लेकर मध्य प्रदेश तक आरती की तलाश में दबिश दे चुकी है। साथ ही रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर चुकी है। लेकिन, आरती भटेले के बारे में पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। चार टीमें लगाने के बावजूद पुलिस मुख्य साजिशकर्ता से दूर है। पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लिया लेकिन, इसके बाद भी आरोपी आरती की लोकेशन ट्रेस नहीं कर सकी। पिछले 30 दिन से लगातार पुलिस आरती के नजदीक होने का दावा कर रही है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।