चमकी बेटियां: आकांक्षा को अतुल माहेश्वरी और दीपांशी को मिलेगा मुरारी लाल माहेश्वरी स्वर्ण पदक
चाैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में वर्ष 2024 का अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक एमजेएमसी की टाॅपर आकांक्षा गुप्ता को मिलेगा। वहीं एमकाॅप की टाॅप दीपांशी शर्मा को मुरारी लाल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जाएगा।
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अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक के लिए नामित अकांक्षा गुप्ता का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। वह मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीजेएमसी किया और 2019 में वहां हुए दीक्षांत समारोह में उन्हें स्वर्ण पदक से नवाजा गया। आकांक्षा इस समय दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें सरकारी सेवा में ही जाना है।
आकांक्षा की माता अनीता गुप्ता गृहिणी हैं और उनके पिता मुन्नालाल भी सरकारी सेवा में रह चुके हैं। आकांक्षा ने एमजेएमसी की पढ़ाई सीसीएसयू से संबंधित एनआईएससीओआरटी मीडिया कॉलेज गाजियाबाद से की है।
आकांक्षा अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों को देती हैं। वह बताती हैं कि उनकी माता और बड़े भाई ने हर समय उनका साथ दिया। मेरे लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता है कि कुलाधिपति उन्हें पदक प्रदान करेंगी।
मेहनत रंग लाई, पदक मिलने की खुशी : दीपांशी शर्मा
मुुरालीलाल माहेश्वरी स्वर्ण पदक के लिए नामित दीपांशी ने कक्षा एक से लेकर आठवीं तक की पढ़ाई टनकपुर से की है। 10वीं और 12वीं की पढ़ाई उन्होंने केवी पंतनगर से की थी। दीपांशी 12वीं कक्षा में भी स्कूल टॉपर रही हैं। सीसीएसयू से बीकॉम के बाद कैंपस से एमकॉम किया है। दीपांशी भविष्य में फाइनेंस क्षेत्र में कॅरिअर चाहती हैं।
दीपांशी के पिता गिरीश कुमार शर्मा टनकपुर में ही बिजनेस करते हैं और माता अनुपम शर्मा गृहिणी हैं। दीपांशी ने कहा कि शिक्षकों द्वारा दिए गए नोट्स बहुत काम आते हैं। दीपांशी ने कहा कि पदक के लिए नामित होने की बेहद खुशी है। उन्होंने सामान्य तौर पर तीन से चार घंटे पढ़ाई की और वह सफलता का श्रेय परिवार और सीसीएसयू के एमकॉम विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं को दिया।
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विवि के कुलपति पद के लिए करें आवेदन
सीसीएसयू मेरठ और मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर के लिए नए कुलपतियों की तलाश शुरू हो गई है। दोनों ही विश्वविद्यालय के कुलपतियों का दिसंबर में कार्यकाल पूरा होने जा रहा है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने वर्तमान कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के तीन वर्ष के कार्यकाल में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि विवि को ए प्लस-प्लस ग्रेड मिलना माना गया है।
सहारनपुर विवि कुलपति एसएच सिंह की तीन वर्ष के कार्यकाल में जहां वहां नए सत्र की शुरुआत की गई है। सीसीएसयू से अलग हुए तीन जिलों के कॉलेज में भी कई नए कार्य उनके कार्यकाल में किए गए हैं।