नौकरी जाने के डर से मेरठ में डांस टीचर ने की आत्महत्या, कई माह से नहीं मिला है स्टाफ का वेतन
- लॉकडाउन के बाद से आर्थिक तंगी से गुजर रहे शिक्षक
- फीस न आने का बहाना बनाकर वेतन नहीं दे रहे स्कूल
- स्कूल ने माना, काफी स्टाफ का रुका है वेतन
विस्तार
मेरठ के दीवान पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल में डांस शिक्षक आशीष की आत्महत्या का कारण वेतन नहीं मिलना बताया जा रहा है। लॉकडाउन के बाद से ही पब्लिक स्कूलों के शिक्षक, कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है। ऐसे में निजी स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन फीस भुगतान न होने का बहाना बनाकर स्टाफ को वेतन नहीं दे रहे।
लॉकडाउन के साथ ही पब्लिक स्कूलों ने शिक्षकों, स्टाफ के वेतन का भुगतान रोक दिया। कर्मचारी, शिक्षक वेतन की मांग करते हैं तो प्रबंधन कहता है फीस नहीं आ रही वेतन कहां से दें। कई स्कूलों ने शिक्षकों को ही फीस लाने के काम में लगा दिया है। ऑनलाइन कक्षा हो या नहीं, लेकिन शिक्षक छात्रों से फीस भरने के लिए लगातार टोक रहे हैं।
क्लास टीचर की ड्यूटी लगा दी गई है कि सभी को अपनी कक्षा की फीस जमा करानी है। अगर फीस नहीं आएगी तो वेतन नहीं दे पाएंगे। कई स्कूलों ने 'फीस नहीं तो वेतन नहीं' का ऐलान भी कर दिया है।
शिक्षकों से ऑनलाइन कक्षाएं करवाई जा रही हैं। उनको न तो इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है न ही वेतन का भुगतान। इसके चलते सैकड़ों शिक्षक मानसिक तनाव में हैं। शिक्षक अभिभावकों को फोन कर उनसे फीस का तगादा करते हैं। अभिभावक भी उन्हीं को खरीखोटी सुनाते हैं।
नौकरी जाने का भय बना मजबूरी
कोरोना के मुश्किल दौर में शिक्षक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते। क्योंकि नौकरी जाने का खतरा है। अगर नौकरी चली गई तो दूसरी नौकरी मिलना भी मुश्किल है। इसलिए शिक्षक स्कूल प्रबंधन की मनमानी सह रहे हैं। कई स्कूलों ने तो स्कूल बंद होने के कारण कई शिक्षकों, स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया है।
स्कूल ने माना, काफी स्टाफ का रुका है वेतन
दीवान पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल के डांस शिक्षक आशीष की आत्महत्या का प्रमुख कारण आर्थिक परेशानी बताया जा रहा है। सात माह से स्कूल ने वेतन भुगतान नहीं किया था। वेतन भुगतान न होने की बात स्कूल प्रबंधन ने भी स्वीकार की है। प्रधानाचार्य डॉ. रुचि शर्मा का कहना है कि काफी स्टाफ का वेतन रुका हुआ है।
आर्थिक परेशानी के कारण स्टाफ को वेतन भुगतान में दिक्कत आ रही है। हम जल्द से जल्द वेतन देने के लिए प्रयासरत हैं। आशीष के द्वारा उठाए गए कदम से प्रबंधन और स्टाफ सभी दुखी हैं। वह करीब पांच साल से स्कूल में डांस टीचर थे। बहुत मेहनती थे। आशीष का भी वेतन शेष है। उसका भुगतान उसके परिवार को अवश्य किया जाएगा। सोमवार को कई शिक्षक आशीष के घर शोक जताने पहुंचे।
आर्थिक तंगी के चलते शिक्षक की आत्महत्या का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा। शिक्षकों, अभिभावकों के व्हाट्सएप समूहों में इसे साझा किया गया। डांस एकेडमी व नृत्य क्षेत्र से जुड़े कलाकारों ने भी शोक जताया। लोगों ने कहा कि तनाव को साझा करें।
सहोदय, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन मौन
शरद त्रिपाठी ने ट्वीटर पर हैशटैग जस्टिस फॉर आशीष चलाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा। ऐसे में मेरठ सहोदय क्या कर रहा है। सहोदय, विधायक और सांसद की क्या जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन इस मामले में खामोश क्यों है। शिक्षकों की रक्षा आखिर कौन करेगा। आशीष को न्याय मिलना चाहिए।
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