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पटेल नगर में खाली कराई डेयरी, तीन घंटे हंगामा
Sat, 15 Jun 2019 04:11 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 15 Jun 2019 04:11 AM IST
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हिंदी भवन मे डेयरी हटाने आते सीओ व सिटी मजिस्ट्रेट व अपर नगर आयुक्त
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने शहर से डेयरी बाहर करने का अभियान शुरू किया। पटेल नगर के हिंदी भवन में चल रही डेयरी को खाली करने पहुंचे अधिकारियों को डेयरी संचालकों का विरोध झेलना पड़ा। करीब तीन घंटे तक उन्होंने नारेबाजी और हंगामा किया। पुलिस फोर्स को कई बार उन्हें खदेड़ना पड़ा। नगर निगम ने अपने और प्राइवेट वाहनों ने पशुओं को अब्दुल्लापुर की तरफ नगर निगम सीमा से बाहर भेजा। कार्रवाई देरशाम तक चली।
शहर में डेयरियों को बाहर करने का अभियान शुरू हो गया है। शुक्रवार को अपर नगरायुक्त अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडे, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भारी पुलिस बल और निगम के वाहनों व कर्मचारियों को लेकर पटेल नगर के हिंदी भवन पहुंचे। यहां डेयरी संचालक अनिरुद्ध जैन ने खुद ही पशुओं को शहर से बाहर करने के लिए 15 दिन का समय मांगा, लेकिन अफसरों ने इंकार कर दिया। कार्रवाई की सूचना पर डेयरी संचालक एसोसिएशन के प्रवेश त्यागी 50-60 डेयरी संचालकों को लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध कर हंगामा किया। अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए सहयोग करने की सलाह दी। डेयरी संचालक 15 दिन का समय मांगते रहे, लेकिन अफसरों ने उनकी एक नहीं सुनी। कार्रवाई में बाधा डालने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।
शाम तक डेयरी से निकाले 20 पशु
निगम कर्मचारियों की टीम और भारी पुलिस बल होने के बाद भी शाम तक सिर्फ 20 पशु ही डेयरी से बाहर निकाले जा सके। देरशाम तक कार्रवाई चली फिर भी डेयरी से सभी पशु नहीं निकाले जा सके। निगम प्रशासन ने शनिवार को डेयरी पूरी तरह खाली कराने की बात कही। इस दौरान फोटोग्राफी भी कराई गई। हिंदी भवन परिसर में चल रही इस डेयरी में भैस और गोवंश सहित 35-40 पशु थे। इनकी देखरेख में 15 लोग लगे हैं।
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जिन पर एफआईआर, वह भी रहे विरोध में शामिल
नगरायुक्त ने जिन डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, वह लोग भी शुक्रवार को विरोध में शामिल रहे। इन लोगों की कई बार सीओ और अपर नगरायुक्त से नोकझोंक हुई, लेकिन इनको गिरफ्तार नहीं किया गया। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे, लेकिन डेयरी से दूरी बनाए रहे। डेयरी संचालक प्रवेश त्यागी ने सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने तक राहत देने की मांग की। इस पर अपर नगरायुक्त ने दूसरे नंबर पर प्रवेश त्यागी की डेयरी को हटाने की चेतावनी दी तो वह पीछे हट गए।
शहर से डेयरी बाहर करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। इस आदेश का सभी को पालन करना चाहिए। शहर में डेयरियों के खिलाफ लगातार जारी रहेगा। सभी डेयरियों को 30 जून से पहले बाहर करने का प्रयास किया जाएगा। -अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।
पर्यावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सभी की है। न्यायालय का आदेश है। डेयरी संचालकों को स्वयं ही डेयरियों को शहर से बाहर ले जाना चाहिए। -संजय पांडे, सिटी मजिस्ट्रेट,
अमर उजाला ने उठाई थी आवाज
हिंदी भवन पर अवैध कब्जा कर वहां डेयरी संचालन होने की बात अमर उजाला ने अप्रैल माह में उठाई थी। भवन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 21 अप्रैल से लगातार कई खबरें प्रकाशित कीं। इसके बाद गठित हुई जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। टीम ने मामला कोर्ट में होने की बात कहते हुए हाथ पीछे खींच लिए थे। अब जब डेयरियों को शहर से बाहर करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया तो अमर उजाला की मुहिम रंग लाई।
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शहर में डेयरियों को बाहर करने का अभियान शुरू हो गया है। शुक्रवार को अपर नगरायुक्त अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडे, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भारी पुलिस बल और निगम के वाहनों व कर्मचारियों को लेकर पटेल नगर के हिंदी भवन पहुंचे। यहां डेयरी संचालक अनिरुद्ध जैन ने खुद ही पशुओं को शहर से बाहर करने के लिए 15 दिन का समय मांगा, लेकिन अफसरों ने इंकार कर दिया। कार्रवाई की सूचना पर डेयरी संचालक एसोसिएशन के प्रवेश त्यागी 50-60 डेयरी संचालकों को लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का विरोध कर हंगामा किया। अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए सहयोग करने की सलाह दी। डेयरी संचालक 15 दिन का समय मांगते रहे, लेकिन अफसरों ने उनकी एक नहीं सुनी। कार्रवाई में बाधा डालने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।
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शाम तक डेयरी से निकाले 20 पशु
निगम कर्मचारियों की टीम और भारी पुलिस बल होने के बाद भी शाम तक सिर्फ 20 पशु ही डेयरी से बाहर निकाले जा सके। देरशाम तक कार्रवाई चली फिर भी डेयरी से सभी पशु नहीं निकाले जा सके। निगम प्रशासन ने शनिवार को डेयरी पूरी तरह खाली कराने की बात कही। इस दौरान फोटोग्राफी भी कराई गई। हिंदी भवन परिसर में चल रही इस डेयरी में भैस और गोवंश सहित 35-40 पशु थे। इनकी देखरेख में 15 लोग लगे हैं।
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जिन पर एफआईआर, वह भी रहे विरोध में शामिल
नगरायुक्त ने जिन डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, वह लोग भी शुक्रवार को विरोध में शामिल रहे। इन लोगों की कई बार सीओ और अपर नगरायुक्त से नोकझोंक हुई, लेकिन इनको गिरफ्तार नहीं किया गया। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे, लेकिन डेयरी से दूरी बनाए रहे। डेयरी संचालक प्रवेश त्यागी ने सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने तक राहत देने की मांग की। इस पर अपर नगरायुक्त ने दूसरे नंबर पर प्रवेश त्यागी की डेयरी को हटाने की चेतावनी दी तो वह पीछे हट गए।
शहर से डेयरी बाहर करने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है। इस आदेश का सभी को पालन करना चाहिए। शहर में डेयरियों के खिलाफ लगातार जारी रहेगा। सभी डेयरियों को 30 जून से पहले बाहर करने का प्रयास किया जाएगा। -अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।
पर्यावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सभी की है। न्यायालय का आदेश है। डेयरी संचालकों को स्वयं ही डेयरियों को शहर से बाहर ले जाना चाहिए। -संजय पांडे, सिटी मजिस्ट्रेट,
अमर उजाला ने उठाई थी आवाज
हिंदी भवन पर अवैध कब्जा कर वहां डेयरी संचालन होने की बात अमर उजाला ने अप्रैल माह में उठाई थी। भवन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 21 अप्रैल से लगातार कई खबरें प्रकाशित कीं। इसके बाद गठित हुई जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। टीम ने मामला कोर्ट में होने की बात कहते हुए हाथ पीछे खींच लिए थे। अब जब डेयरियों को शहर से बाहर करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया तो अमर उजाला की मुहिम रंग लाई।