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Meerut News: शरीर को फिट रखने और पर्यावरण सुधार के लिए महत्वपूर्ण है साइकिल
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दौराला - स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन सुबह साइकिल चलाते हैं रवि चौधरी। स्रोत: स्वयं
पहले साइकिल से रहते थे फिट, अब जिम की मशीनों पर बहा रहे पसीना
विश्व साइकिल दिवस पर विशेष-- -
शरद गुप्ता
दौराला। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर साइकिल की उपयोगिता एक बार फिर चर्चा में है। कभी गांव और कस्बों में साइकिल आम आदमी की पहचान होती थी। अधिक दूरी तय करने के लिए लोग साइकिल का ही इस्तेमाल करके फिट रहते थे। पर्यावरण के लिए भी साइकिल महत्वपूर्ण थी। एक समय के बाद साइकिल की जगह मोटरसाइकिल और कारों ने ले ली। तभी से मोटापा व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई। जिस साइकिल को लोग कभी मजबूरी या सामान्य साधन मानते थे, अब वह शरीर को फिट रखने के लिए जिम को साइकिल का विकल्प मानते हैं।
दौराला निवासी रवि चौधरी, वेदवीर का कहना है कि नियमित साइकिल चलाना हृदय को स्वस्थ रखने, कैलोरी घटाने और शरीर को सक्रिय बनाए रखने का आसान तरीका है। दौराला और आसपास के क्षेत्रों में अब साइकिल का उपयोग दैनिक आवागमन की बजाय, फिटनेस और शौक के रूप में अधिक दिखाई देता है। सुबह के समय कई युवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग साइकिलिंग करते नजर आते हैं। वह प्रतिदिन सुबह के समय शरीर फिट रखने के लिए साइकिल चलाते हैं और अपने बच्चों को भी प्रेरित करते हैं। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की कीमतों के बीच साइकिल पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है। वर्तमान में ईरान, अमेरिका, इजराइल युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमत में उछाल आया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक और साइकिल का उपयोग करने के लिए देश के लोगों को संदेश दे चुके हैं।
कई, स्कूल, विवि, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में भी ईंधन बचाने और पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए निजी वाहनों के कम उपयोग करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। क्योंकि इससे किसी प्रकार का धुआँ या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। विश्व साइकिल दिवस लोगों को यह संदेश देता है कि यदि छोटी दूरी की यात्राओं में साइकिल का उपयोग बढ़ाया जाए तो स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्थिक बचत तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में साइकिल को फिर से अपनाना समय की जरूरत बन गया है। (संवाद)
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विश्व साइकिल दिवस पर विशेष
शरद गुप्ता
दौराला। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर साइकिल की उपयोगिता एक बार फिर चर्चा में है। कभी गांव और कस्बों में साइकिल आम आदमी की पहचान होती थी। अधिक दूरी तय करने के लिए लोग साइकिल का ही इस्तेमाल करके फिट रहते थे। पर्यावरण के लिए भी साइकिल महत्वपूर्ण थी। एक समय के बाद साइकिल की जगह मोटरसाइकिल और कारों ने ले ली। तभी से मोटापा व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई। जिस साइकिल को लोग कभी मजबूरी या सामान्य साधन मानते थे, अब वह शरीर को फिट रखने के लिए जिम को साइकिल का विकल्प मानते हैं।
दौराला निवासी रवि चौधरी, वेदवीर का कहना है कि नियमित साइकिल चलाना हृदय को स्वस्थ रखने, कैलोरी घटाने और शरीर को सक्रिय बनाए रखने का आसान तरीका है। दौराला और आसपास के क्षेत्रों में अब साइकिल का उपयोग दैनिक आवागमन की बजाय, फिटनेस और शौक के रूप में अधिक दिखाई देता है। सुबह के समय कई युवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग साइकिलिंग करते नजर आते हैं। वह प्रतिदिन सुबह के समय शरीर फिट रखने के लिए साइकिल चलाते हैं और अपने बच्चों को भी प्रेरित करते हैं। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की कीमतों के बीच साइकिल पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प है। वर्तमान में ईरान, अमेरिका, इजराइल युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमत में उछाल आया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक और साइकिल का उपयोग करने के लिए देश के लोगों को संदेश दे चुके हैं।
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कई, स्कूल, विवि, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में भी ईंधन बचाने और पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए निजी वाहनों के कम उपयोग करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। क्योंकि इससे किसी प्रकार का धुआँ या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। विश्व साइकिल दिवस लोगों को यह संदेश देता है कि यदि छोटी दूरी की यात्राओं में साइकिल का उपयोग बढ़ाया जाए तो स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्थिक बचत तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में साइकिल को फिर से अपनाना समय की जरूरत बन गया है। (संवाद)
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