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Meerut News: गंगा सप्तमी मेले में द्रौपदी घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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पवित्र स्रोत में स्नान करती महिलाएं स्रोत संवाद
- महिला श्रद्धालुओं ने किया स्नान,
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी स्थित द्रौपदी घाट मंदिर पर बैसाख माह की सप्तमी (गंगा सप्तमी) के अवसर पर आयोजित मेले में बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्राकृतिक स्रोत में स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रातः करीब 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर के पास स्थित प्राकृतिक जल स्रोत में स्नान करना शुरू कर दिया। स्नान के उपरांत भक्तों ने मंदिर में भगवान कृष्ण व द्रौपदी की प्रतिमाओं के दर्शन कर प्रसाद अर्पित किया। दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु बुधवार शाम से ही ऐतिहासिक नगरी में पहुंचने लगे थे, जिससे मेले का माहौल देर रात से ही भक्तिमय हो गया।
मंदिर की महंत बेगवती के अनुसार इस मेले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं की संख्या इसमें विशेष रूप से अधिक रहती है। मान्यता है कि यहां स्थित प्राकृतिक स्रोत में स्नान करने से त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है।
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द्वापर युग का साक्षी है यह स्थान
मान्यता के अनुसार द्रौपदी घाट मंदिर का संबंध द्वापर युग से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि उस समय द्रौपदी यहां स्थित प्राकृतिक स्रोत में स्नान कर मंदिर में पूजा-अर्चना करने आती थीं। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी स्थित द्रौपदी घाट मंदिर पर बैसाख माह की सप्तमी (गंगा सप्तमी) के अवसर पर आयोजित मेले में बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्राकृतिक स्रोत में स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रातः करीब 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर के पास स्थित प्राकृतिक जल स्रोत में स्नान करना शुरू कर दिया। स्नान के उपरांत भक्तों ने मंदिर में भगवान कृष्ण व द्रौपदी की प्रतिमाओं के दर्शन कर प्रसाद अर्पित किया। दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु बुधवार शाम से ही ऐतिहासिक नगरी में पहुंचने लगे थे, जिससे मेले का माहौल देर रात से ही भक्तिमय हो गया।
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मंदिर की महंत बेगवती के अनुसार इस मेले में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं की संख्या इसमें विशेष रूप से अधिक रहती है। मान्यता है कि यहां स्थित प्राकृतिक स्रोत में स्नान करने से त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है।
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द्वापर युग का साक्षी है यह स्थान
मान्यता के अनुसार द्रौपदी घाट मंदिर का संबंध द्वापर युग से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि उस समय द्रौपदी यहां स्थित प्राकृतिक स्रोत में स्नान कर मंदिर में पूजा-अर्चना करने आती थीं। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
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पवित्र स्रोत में स्नान करती महिलाएं स्रोत संवाद
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पवित्र स्रोत में स्नान करती महिलाएं स्रोत संवाद