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Meerut News: काली नदी के उफान से फसल जलमग्न, किसानों ने मुआवजे की उठाई मांग
Mon, 13 Jul 2026 08:02 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 13 Jul 2026 08:02 PM IST
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एसडीएम से करेंगे शिकायत करेंगे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। थाना क्षेत्र के पिठलोकर और बपारसी गांव के किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसानों का कहना है कि काली नदी का जलस्तर बढ़ने से पांच दिनों से खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे उनकी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। इससे कई गांवों में किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ग्रामीण अफसार, इस्लाम, शफीक, लईक अहमद, शहादत, मुस्तफा लियाकत मुनववर प्रधान, हारून, सालिम ने बताया कि लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ज्वार, गन्ना और सब्जी की फसलें कई दिनों से पानी में डूबी हुई हैं। खेतों में लंबे समय तक जलभराव रहने से फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया कि काली नदी का पानी सामान्य स्तर से करीब सात फीट ऊपर पहुंच गया है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर में दो फुट और बढ़ोतरी हुई तो गांव की निचली बस्तियों में भी पानी घुसने का खतरा पैदा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद अब तक किसी राजस्व अथवा प्रशासनिक अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है और न ही फसल नुकसान का सर्वे कराया गया है। किसानों ने बताया कि एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने, प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने तथा बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। थाना क्षेत्र के पिठलोकर और बपारसी गांव के किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसानों का कहना है कि काली नदी का जलस्तर बढ़ने से पांच दिनों से खेतों में पानी भरा हुआ है, जिससे उनकी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। इससे कई गांवों में किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ग्रामीण अफसार, इस्लाम, शफीक, लईक अहमद, शहादत, मुस्तफा लियाकत मुनववर प्रधान, हारून, सालिम ने बताया कि लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ज्वार, गन्ना और सब्जी की फसलें कई दिनों से पानी में डूबी हुई हैं। खेतों में लंबे समय तक जलभराव रहने से फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया कि काली नदी का पानी सामान्य स्तर से करीब सात फीट ऊपर पहुंच गया है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर में दो फुट और बढ़ोतरी हुई तो गांव की निचली बस्तियों में भी पानी घुसने का खतरा पैदा हो सकता है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद अब तक किसी राजस्व अथवा प्रशासनिक अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है और न ही फसल नुकसान का सर्वे कराया गया है। किसानों ने बताया कि एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने, प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने तथा बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की जाएगी।
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