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Meerut News: ओले-बारिश से बरबाद हुईं फसलें, सही सर्वे कर दिलाएं मुआवजा
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- सर्वे करने पहुंचे सदर के तहसीलदार को घेरकर किसानों ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जिले में ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान खेतों में तैयार खड़ी गन्ने की फसल को हुआ है। इसके चलते सदर के तहसीलदार रवि प्रजापति टीम के साथ टीकरी गांव में फसल का सर्वे करने पहुंचे। यहां भाकियू कार्यकर्ता भी पहुंच गए। उन्होंने तहसीलदार को घेर लिया। किसानों ने कहा कि उनकी फसलों का सही सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि उनकी क्षतिपूर्ति हो सके।
जानी क्षेत्र के भूपगढ़ी और टीकरी गांव में लगभग 83 एकड़ गन्ने की फसल खराब होने की बात कही गई है। क्षेत्र के किसान विपिन ने बताया कि उनकी भी कई बीघा फसल खराब हो गई है। रविवार को बारिश होने के बाद सोमवार को तहसीलदार सदर रवि प्रजापति, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी आदि टीकरी गांव क्षेत्र में पहुंचे। यहां तहसील की टीम के द्वारा सर्वे भी किया गया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले के कई गांवों में बारिश और ओलों से फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हस्तिनापुर क्षेत्र में धान की फसल नष्ट होने की भी जानकारी दी।
गन्ना विभाग की ओर से पेराई सत्र 2026-27 की तैयारी की जा रही है। सभी मिलों की ओर से मिलों में कार्य चल रहा है। मिलों में मरम्मत आदि कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। इस माह आखिर सप्ताह में शहर की सभी मिलें शुरू हो जाएंगी। रविवार को हुई बारिश से पेराई सत्र थोड़ा प्रभावित होने की संभावना जताई गई थी लेकिन अभी इसका असर देखने को नहीं मिला है। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर ने बताया कि अगर और बारिश हुई तो पेराई सत्र प्रभावित हो सकता है। अभी 25 से 31 अक्तूबर के बीच सभी मिलों को चलाया जाएगा। मोहिउद्दीनपुर मिल चार नवंबर को चलेगी। नंगलामल, किनौनी, दौराला, सकौती, मवाना सभी मिल 25 से 31 के बीच मिलें चलेंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जिले में ओलावृष्टि और बारिश के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक नुकसान खेतों में तैयार खड़ी गन्ने की फसल को हुआ है। इसके चलते सदर के तहसीलदार रवि प्रजापति टीम के साथ टीकरी गांव में फसल का सर्वे करने पहुंचे। यहां भाकियू कार्यकर्ता भी पहुंच गए। उन्होंने तहसीलदार को घेर लिया। किसानों ने कहा कि उनकी फसलों का सही सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि उनकी क्षतिपूर्ति हो सके।
जानी क्षेत्र के भूपगढ़ी और टीकरी गांव में लगभग 83 एकड़ गन्ने की फसल खराब होने की बात कही गई है। क्षेत्र के किसान विपिन ने बताया कि उनकी भी कई बीघा फसल खराब हो गई है। रविवार को बारिश होने के बाद सोमवार को तहसीलदार सदर रवि प्रजापति, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी आदि टीकरी गांव क्षेत्र में पहुंचे। यहां तहसील की टीम के द्वारा सर्वे भी किया गया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले के कई गांवों में बारिश और ओलों से फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हस्तिनापुर क्षेत्र में धान की फसल नष्ट होने की भी जानकारी दी।
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गन्ना विभाग की ओर से पेराई सत्र 2026-27 की तैयारी की जा रही है। सभी मिलों की ओर से मिलों में कार्य चल रहा है। मिलों में मरम्मत आदि कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। इस माह आखिर सप्ताह में शहर की सभी मिलें शुरू हो जाएंगी। रविवार को हुई बारिश से पेराई सत्र थोड़ा प्रभावित होने की संभावना जताई गई थी लेकिन अभी इसका असर देखने को नहीं मिला है। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर ने बताया कि अगर और बारिश हुई तो पेराई सत्र प्रभावित हो सकता है। अभी 25 से 31 अक्तूबर के बीच सभी मिलों को चलाया जाएगा। मोहिउद्दीनपुर मिल चार नवंबर को चलेगी। नंगलामल, किनौनी, दौराला, सकौती, मवाना सभी मिल 25 से 31 के बीच मिलें चलेंगी।
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