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फसल ऋण मोचन योजना : एक लाख नहीं, माफ हुए मात्र नौ रुपये

Wed, 13 Sep 2017 10:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मदन बालियान, बागपत
अमर उजाला ब्यूरो/ मदन बालियान, बागपत Updated Wed, 13 Sep 2017 10:30 AM IST
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Crop Loan Redemption Plan: not one lakh, sorry only nine rupees
किसान

बागपत में उत्तर प्रदेश फसल ऋण मोचन योजना धरातल पर उतरते ही सवालों से घिरने लगी है। वादा एक लाख रुपये की ऋण माफी का किया, लेकिन पहली लिस्ट में सैकड़ों किसान ऐसे हैं, जिनका एक सौ रुपये से भी कम कर्ज माफ किया गया है।

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वजह यह कि किसानों के ऋण खातों में रुपये जमा होते ही बैंक अपने कर्ज को चुकता करने के लिए क्रेडिट कर लेते हैं। कर्ज के तौर पर जो चंद रुपये बचे, उन्हें कर्ज माफी की सूची में शामिल किया है।  
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ऐसे लघु और सीमांत किसान जिन्होंने 31 मार्च 2016 से पहले बैंकों से फसली ऋण लिया, उन्हें कर्ज माफी के दायरे में रखा है। पहले पात्र किसानों की सूची बनाने में सरकार के पसीने छूटे। अब लाभार्थी किसानों की तस्वीर साफ होने लगी तो इसमें ऐसे किसान भी शामिल हैं, जिनका ऋण सिर्फ नाम के लिए ही माफ हुआ है। लुहारा गांव के किसान सत्यपाल सिंह के 12 रुपये, काठा गांव के धीरज के 14. 38 रुपये,  डौला गांव के जफरू के 214. 33 रुपये, फैजपुर निनाना गांव के तेजपाल सिंह के 108 रुपये, हिसावदा गांव के सौराज सिंह के 156.61 रुपये, नैथला गांव के महेश के 20.66 रुपये, पाली गांव के तेजपाल सिंह के 959 रुपये ही माफ किए। जो वजह सामने आई है, वह यह है कि बैंक बचत खाते में रुपये जमा होते ही अपने कर्ज में एडजेस्ट कर लेते हैं। किसान इस तरह के खातों में आमतौर पर रुपये जमा करने से बचते हैं। चंद रुपये जिन किसानों पर कर्ज बचा, उसे ऋण माफी में शामिल किया गया है।

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डीएम बोले, शिकायतों की जांच कराई जाएगी

Crop Loan Redemption Plan: not one lakh, sorry only nine rupees
डीएम भवानी सिंह खंगारौत

डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने कहा ऋण माफी के कई मामलों की शिकायतें मिली है, जांच कराई जाएगी। जो नियम बनाए हैं, उसी आधार पर ऋण माफी होगी। वहीं, एलडीएम राजू पीवी ने कहा नियमानुसार ही पात्र किसानों की सूची जारी की गई है। यदि कहीं तकनीकी खामी तो ऐसे प्रकरणों की जांच करा ली जाएगी। जबकि, बागपत के तहसीलदार राज बहादुर सिंह ने कहा पात्र किसानों की सूची का सत्यापन कराकर ही कर्ज माफी हुई है। कितना ऋण किसान पर था, यह तो बैंक ही स्पष्ट कर सकते हैं। 

किसान ने बैंक प्रबंधक से शिकायत की
छपरौली ब्लॉक के हलालपुर गांव के किसान बलजोर सिंह ने इलाहाबाद बैंक की हेवा शाखा से एक लाख 12 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन कर्ज माफी की सूची में उसके नौ रुपये माफ दर्शाए गए हैं। किसान अब बैंकों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। किसान ने कहा शाखा प्रबंधक से शिकायत की तो उन्होंने जांच का भरोसा दिलाया। यह तकनीकी खामी है या लापरवाही इसकी जांच शुरू हो गई है।

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